मौक़े का फ़ायदा

  • 25 सितंबर 2009

पता नहीं आने वाली फ़िल्म ब्लू में अक्षय कुमार का नाम आरव क्यों हैं. हमारे पढ़नेवाले यह तो जानते ही होंगे कि आरव अक्षय कुमार के बेटे का नाम है.

हुआ यूं कि इस फ़िल्म में अक्षय के कुछ सीन ऐसे हैं जिसमें उन्हें अपनी शर्ट उतारनी पड़ी है.

अब क्योंकि अक्षय ने अपनी पीठ पर आरव का नाम टैटू करवा रखा है तो निर्देशक टोनी ने सोचा कि क्यों न अक्षय कुमार के किरदार का नाम आरव ही रख दिया जाए ताकि जब दर्शकों को आरव लिखा दिखाई दे तो उन्हें अटपटा न लगे.

जॉन की क़ीमत

जॉन अब्राहम अगर अपने तौर-तरीके बदलते नहीं तो उन्हें दिक्कत हो सकती है.

तौर तरीके बदलने का मतलब है कि उन्हें सोच समझकर अपनी प्राइस तय करनी चाहिए. हाल ही में जिस फ़िल्म के निर्माण से स्टूडियो 18 कंपनी, फ़िल्म के बनने से पहले ही अलग हो गई है, उसका कारण यह है कि जॉन अब्राहम ने फ़िल्म में काम करने के लिए 12 करोड़ रूपए की मांग की.

स्टूडियो 18 ने जॉन से अपनी फ़ीस कम करने को कहा लेकिन जॉन टस से मस नहीं हुए. नतीजा यह हुआ कि अब जॉन को उस फ़िल्म के लिए नए निर्माता की तलाश है. पता नहीं कौन सा निर्माता जॉन को 12 करोड़ देने के लिए तैयार होगा.

गिले-शिकवे दूर हुए

लगता है कि सलमान ख़ान सारी दुश्मनियां अब दोस्ती में बदलना चाहते हैं. संगीतकार, गायक और हीरो हिमेश रेशमिया से तो उन्होंने दोस्ती कर ही डाली है.

हाल ही में सलमान ने कहा कि हिमेश दोस्त नहीं, मेरा छोटा भाई है. मैं उसे बरसों से जानता हूं. दरअसल, मुझे मैंने प्यार किया के बाद, पहली फ़िल्म यूवा हिमेश ने ही ऑफ़र की थी.

ये बात अलग है कि यूवा बनी नहीं पर सलमान उस बात को भूले नहीं हैं.

या यूं कहें कि कुछ बरसों के लिए भूल गए थे जिसकी वजह से उन्होंने हिमेश से झगड़ा कर लिया लेकिन याद आते ही वापस दोस्ती का हाथ भी बढ़ा दिया. बढ़िया है.

और तो और, सलमान ने कुछ दिनों पहले शाहरुख ख़ान के अमरीका में एयरपोर्ट पर सुरक्षा जाँच वाले किस्से को लेकर कहा था कि ऐसी सुरक्षा जाँच किसी के साथ भी हो सकती है.

पर हाल ही में सलमान मियां ने कहा, मैं शाहरुख ख़ान की पीड़ा समझ सकता हूं. सिक्योरिटी के हाथों अगर आपको कैसे कैसे सवालों का जवाब देना पड़े तो कोई भी तंग आ सकता है. एक तो आप इतने घंटों की फ़्लाइट से थके-हारे आते हैं, और उसके बाद यह सब. लेकिन क्या कर सकते हैं, लोगों की सुरक्षा के लिए यह ज़रूरी भी तो है.

वो ही बात, लेकिन इस बार सलमान के मुंह से अंगारों की जगह शहद टपक रहा है.

पड़ोसी

करीना कपूर के घर के बाद अब बारी है करिश्मा कपूर के घर की.

मुंबई के खार-बांद्रा इलाके में करीना और उनकी मम्मी बबीता ने नया मकान ख़रीदा है जिसका इंटीरियर का काम अभी अभी ख़त्म हुआ है.

बिल्कुल पास में ही करिश्मा कपूर ने अपना खुद का घर भी ख़रीदा है. यानी कि अलग का अलग घर और पास का पास.

लंबी तो अच्छी

मानो या न मानो, आशुतोष गोवारिकर की व्हाट्स योर राशि साढ़े तीन घंटे की फ़िल्म है. यानी कि इस बार भी आशुतोष ने बहुत लंबी फ़िल्म ही बनाई है.

उनकी लगान तीन घंटे और 42 मिनट की थी. स्वदेश थी तीन घंटे और 15 मिनट की और जोधा-अकबर साढ़े तीन घंटे की थी.

लगता है, आशुतोष लंबाई में यकीन करते हैं. लंबी है तो अच्छी है.

वैसे, व्हाट्स योर राशि में तो 12 प्रियंका चोपड़ा हैं और हर एक के लिए एक गाना है. इसलिए फ़िल्म लंबी तो होगी ही न. मगर मल्टीप्लैक्स वाले अपना सिर पकड़कर बाल नोच रहे हैं.

लंबी फ़िल्म का मतलब है कम शो. और कम शो का मतलब है मल्टीप्लैक्स वालों का नुकसान. समझ गए न भइया.

बॉक्स ऑफ़िस

अगर कोई एक फ़िल्म है जो आमिर ख़ान को ज़रूर देखनी है तो वो है सलमान ख़ान की वॉन्टेड.

सलमान ने आमिर को फ़िल्म के ट्रायल शो में आमंत्रित किया लेकिन आमिर व्यस्त होने की वजह से फ़िल्म नहीं देख पाए. पर उन्होंने कहा कि यह फ़िल्म मैं देखूंगा ज़रूर.

आमिर बोले, मैं इसके आंकड़े जानने के लिए बहुत बेताब हूं. आमिर ख़ान की गजनी के बाद इतने बड़े पैमाने पर बनी फ़िल्म वॉन्टेड ही है.

शायद इसी वजह से आमिर ख़ान को इस फ़िल्म के कलेक्शन में इतनी दिलचस्पी है.

संबंधित समाचार