बीबीसी टेक वन: चटपटी फ़िल्मी गपशप

गोविंदा
Image caption गोविंदा

मनोरंजन की दुनिया से सप्ताह भर की चटपटी ख़बरें समेटे बीबीसी हिंदी एफ़एम का विशेष कार्यक्रम 'बीबीसी टेक वन'.

बीबीसी टेक वन के इस अंक में हम बताएँगे भारत में इस सप्ताह रिलीज़ हो रही फ़िल्मों के बारे में और हमारे साथ होंगे 'बीबीसी टेक वन' के फ़िल्म समीक्षक सुभाष के झा.

सुभाष के झा के साथ आप जान पाएँगे पिछले सप्ताह रिलीज़ हुई फ़िल्मों की बॉक्स आफ़िस रिपोर्ट भी.

इस हफ़्ते बॉक्स ऑफिस पर आई फिल्मों में शामिल हैं डेविड धवन द्वारा निर्देशित डू नॉट डिस्टर्ब और करन जोहर की प्रोडक्शन कंपनी की फिल्म वेक अप सिड. जहाँ डू नॉट डिस्टर्ब में गोविंदा, रितेश देशमुख, लारा दत्ता और सुष्मिता सेन जैसे कलाकार हैं वहीँ वेक अप सिड में रणबीर कपूर और कोंकना सेन हैं.

डू नॉट डिस्टर्ब में अपने किरदार की बात करते हुए गोविंदा का कहना है की ये एक ऐसे आदमी का किरदार हैं जो फिल्म के ख़त्म होने तक अपने चरित्र में काफी परिवर्तन देखता है. वहीँ इस फिल्म के लिए सुष्मिता सेन ने कुल 9 किलो वज़न बढा़या. और सुष्मिता कहती हैं उन्होंने ये इसलिये किया क्यूंकि डेविड धवन चाहते थे की वो एक खाते-पीते घर की स्त्री लगें.

ख़ुद अगर डेविड धवन की माने तो उनकी फिल्म एक हास्य फिल्म है.

बीबीसी फ़िल्म समीक्षक सुभाष के झा भी कहते हैं की 2 अक्टूबर के मौके पर रिलीज़ होने की वजह से ये फ़िल्म अच्छा बिज़नस कर सकती है. साथ ही सुभाष का ये भी कहना है की डेविड धवन, वाशु भगनानी और गोविंदा एक साथ हैं और ये फिल्म ज़रूर मनोरंजन से भरपूर होगी.

Image caption कोंकना सेन और रणबीर कपूर

वहीं सुभाष के झा करन जोहर की फ़िल्म वेक अप सिड के बारे में भी काफी आशावान हैं. उनका कहना है की रणबीर कपूर आजकल के युवा अभिनेताओं में सबसे बेहतर हैं और उनकी ये फिल्म युवाओं के लिए एक सन्देश भी है.

इस फ़िल्म से निर्देशन की दुनिया में कदम रखा है अयान मुख़र्जी ने. जिन्होंने फिल्म शुरू होने से पहले कई राते आँखों ही आँखों में बिता दी थी.

वहीं फ़िल्म की अभिनेत्री कोंकना सेन कहती हैं की रणबीर कपूर नए होने के बावजूद वो एक मंझे हुए कलाकार हैं. और अगर खुद रणबीर की माने तो उन्होंने ये फ़िल्म इसलिए की क्यूंकि एक तो इस फ़िल्म की स्क्रिप्ट उन्हें बेहद पसंद आई, दूसरा ये की ये फ़िल्म करन जोहर प्रोड्यूस कर रहे थे और तीसरा ये की ये फ़िल्म अयान मुख़र्जी निर्देशित कर रहे थे.

Image caption लता मंगेशकर

और बीबीसी टिंसेल टॉक में बात होगी मन्ना डे की जिन्हें चुना गया है साल 2007 के दादा साहेब फाल्के पुरस्कार के लिए. और संगीत निर्देशक खय्याम ने उनकी तारीफ करते हुए कहा की जो भी गाना मन्ना डे ने गया वो अपने आप में एक मिसाल है. खय्याम साहब की ही राय से इतेफा़क रखते हैं संगीत निर्देशक जोड़ी लक्ष्मीकांत प्यारेलाल के प्यारेलाल भी जो कहते हैं की आज भी हिंदी सिनेमा जगत में मन्ना डे का अपना एक स्थान है.

सुर साम्रगी लता मंगेशकर ने इस हफ्ते 28 सितम्बर को पुरे किये अपने जीवन के 80 स्वर्णिम साल...मधुबाला से लेकर रानी मुख़र्जी तक सभी के लिए गया है लता जी ने...लता जी के कई गानों पर अभिनय कर चुकी व्यजन्तिमाला मानती हैं की लता जी जैसी आवाज़ सदियों में बस एक बार ही जन्म लेती है. वहीँ नए ज़माने की अभिनेत्री रानी मुख़र्जी का कहना है की लता जी की आवाज़ पर अभिनय करना उनकी खुशनसीबी है.

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