'विलेन' बने हैं अक्षय कुमार

  • 15 अक्तूबर 2009
Image caption ब्लू में अक्षय के सात संजय दत्त और लारा दत्ता ने भी काम किया है

अक्षय कुमार आज की तारीख में बॉलीवुड के सबसे बड़े सितारों में एक हैं. 2008 में उनकी फ़िल्मों ने ज़बरदस्त कारोबार किया था लेकिन 2009 उनके लिए कुछ ख़ास अच्छा नहीं रहा. चांदनी चौक टू चाइन और ब्लू जैसी फ़िल्में नहीं चल पाईं.

अक्षय कुमार ने विशेष बातचीत के कुछ अंश

जब भी आपकी कोई फ़िल्म आती है तो लोगों को बहुत सारी उम्मीदें होती हैं, कम से कम ये मानकर जाते हैं कि एक अच्छा इंटरटेनर देखने को मिलेगा. क्या उन उम्मीदों का भार आपके ऊपर दबाव बढ़ाता है.

ये सोचकर अच्छा लगता है कि लोगों को उम्मीद रहती है कि उन्हें एक मनोरंजक फ़िल्म देखने को मिलेगी. लेकिन एक अलग सी ज़िम्मेदारी भी आ जाती है. इसलिए मैं जब भी फ़िल्म करता हूँ तो ये सोचकर कोई भी स्क्रिप्ट स्वीकार करता हूँ कि उसमें लोगों को मज़ा आए. हालांकि अंतत लोगों को फ़िल्म कैसी लगेगी ये तो बता पाना मुश्किल होता है.

हॉलीवुड स्टार स्लिवेस्टर स्टैलन ने कम्बख़्त इशक में आपके साथ छोटा सा रोल किया, गायक स्नूपी डॉग के साथ आपने गाया और और अब ब्लू में काइली मिनोग के साथ डांस किया है. लोग कहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर बॉलीवुड के एम्बैसेडर की तरह हो गए हैं अक्षय.

एम्बैसेडर हूँ या नहीं ये तो पता नहीं लेकिन हाँ दो अलग-अलग दुनिया हैं, दो संस्कृतियाँ हैं. अगर दो संस्कृतियाँ मिलती हैं तो इसमें कोई बुरी बात तो है नहीं.

ब्लू में मशहूर गायिका काइली मिनोग के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा.

उनके साथ कौन काम करना नहीं चाहेगा. बहुत ही ख़ूबसूरत हैं, प्रोफ़ेशनल हैं, बहुत दिल से काम किया है उन्होंने. मेरी बात होती थी उनसे तो काइली कहा करती थीं कि वे हमेशा से ही बॉलीवुड फ़िल्म में काम करना चाहती थीं, बॉलीवुड गाने पर थिरकना चाहती थीं. वो भी एआर रहमान के गाने पर नाचना, इससे बढ़िया बात क्या हो सकती है. मैने भी पहली बार ऐसी फ़िल्म में काम किया है जिसमें एआर रहमान साहब ने संगीत दिया हो.

आजकल कुछ फ़िल्मों का संगीत डिजीटली रिलीज़ किया गया (जैसे ब्लू)- पेन ड्राइव और मेमरी चिप पर रिलीज़ किया गया है. इससे पाइरेसी से लड़ने में शायद कुछ मदद मिलेगी.

पाइरेसी एक बहुत बड़ी समस्या है. सभी निर्माता पाइरेसी से लड़ रहे हैं. मैं केवल इतना कहना चाहता हूँ कि आप पाइरेसी का हिस्सा न बनें, गानों को अवैध तरीके से डाउनलोड न करें. बहुत मेहनत जाती है कलाकारों की. रहमान साहब ने चार महीनों में तैयार किया है ब्लू का संगीत. असल और मूल चीज़ का कोई मुकाबला नहीं होता.

आप साल में कम से कम तीन फ़िल्में तो कर ही लेते हैं, कभी किसी को शिकायत करते नहीं सुना कि अक्षय देर से आए या शूटिंग में देरी हुई...कैसे कर पाते हैं. और फिर परिवार के लिए भी समय निकाल लेते हैं.

मेरी निजी ज़िंदगी मेरी फ़िल्मों के साथ ही जुड़ी हुई हैं. जैसे हाल ही में जब मैं लंदन आया था अपनी फ़िल्म की शूटिंग के लिए तो मेरा परिवार साथ में आया था.

अब जैसे मेरे बेटे का स्कूल शुरु हो गया है तो मैं कोशिश करता हूँ कि ज़्यादातर शूटिंग भारत में ही हो. ये कह सकते हैं कि मैं अपनी डायरी, अपनी शूटिंग अपने बेटे के स्कूल और कलेंडर के हिसाब से तैयार करता हूँ.

बहुत सारे बच्चे आपको फॉलो करते हैं,आप जैसे किरदार निभाते हैं, जो स्टंट करते हैं. आप महसूस करते हैं कि आपके ऊपर एक अतिरिक्त ज़िम्मेदारी है.

हाँ ज़रूर एक ज़िम्मेदारी तो है मेरी, लेकिन मैं ये भी कहना चाहूँगा कि अंतत हम फ़िल्मों में एक किरदार निभाते हैं. जैसे ब्लू में मैने विलेन का रोल किया है तो इसका मतलब ये नहीं कि मैं असल ज़िंदगी में एक विलेन हूँ..ये केवल एक भूमिका है. तो बच्चे इसे रोल के हिसाब से ही देखें न कि गंभीरता से लें. स्टंट भी फ़िल्मों का हिस्सा होते हैं, उन्हें घर पर न करें.

फ़िल्म ब्लू में दो ख़ास टैटू भी दिखाए गए हैं.

एक टैटू तो असली है जो मैने अपने बेटे के नाम पर बनवा रखा है. दूसरा ब्लू नाम का टैटू है हालांकि ये नकली है और फ़िल्म के लिए है.

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