'हंसिका न टेंशन देती है, न लेती है'

हंसिका
Image caption हंसिका ने विज्ञापन फ़िल्मों से अपना कैरियर शुरू किया

हंसिका ने अपना पहला विज्ञापन शाहरुख़ ख़ान के साथ किया और उसके बाद एक अदाकारा बन गईं. इतनी छोटी सी उम्र में सफलता को छूने का अहसास कैसा लगा, ये जानने के लिए हमने हंसिका से बात-चीत की:

एक छोटी सी, प्यारी सी बच्ची हंसिका आज हीरोइन बन गई, कैसा लगता है ये सफ़र?

अभी तो शुरुआत है, अच्छा ज़रूर लगता है. अभी तक का सफ़र बहुत अच्छा है.

आपने कितने साल की उम्र से काम करना शुरू किया?

मैने 9-10 साल की उम्र से काम करना शुरु किया था. मेरा पहला विज्ञापन शाहरुख़ ख़ान के साथ था. वो बहुत अच्छा अनुभव था. उस दिन मैं बहुत खुश थी, वो दिन मुझे आज भी याद है.

आप को विज्ञापन में काम करने का मौक़ा कैसे मिला?

मुझे किसी ने कहीं देखा तो मेरी मम्मी से कहा कि हुंडाई संतूर का विज्ञापन है, शाहरुख़ खान के साथ, कृपया आप अपनी बेटी को इस विज्ञापन के लिए हमें दे दीजिए. मेरी माँ डाक्टर हैं तो उनके पास बहुत लोग आते रहते हैं. सभी ने बहुत कहा कि जाने दो न, तो मम्मी ने कहा कि चलो एक बार देख लेते हैं. बस इस तरह से ये विज्ञापन किया.

आपने बहुत छोटी सी उम्र से काम करना शुरू कर दिया था. क्या आपको लगता था कि आपका बचपन कहीं खो रहा है?

नहीं, ऐसा नहीं है. मेरी माँ ने इस बात का ध्यान रखा कि मुझे ऐसा न लगे. मुझे बच्चों की तरह खेलने और बढ़ने का पूरा मौक़ा मिला है. मै बहुत भाग्यशाली हूँ, मैंने कुछ भी मिस नहीं किया.

इसके बाद जब आप स्कूल गईं तो आपके दोस्तों, शिक्षकों का व्यवहार कैसा था?

बहुत अच्छा था. सभी बहुत उत्साहित थे. पूछ रहे थे कैसे किया, क्या हुआ. कुछ अलग ही फ़ीलिंग थी. जो भी मिलता मुझसे पूछता था उस विज्ञापन के बारे में. परीक्षा और टेस्ट में टीचर बहुत सख़्त रहती थीं पर कुछ प्यार ज़्यादा करने लगीं थीं. सभी लोग मेरा पक्ष ज़्यादा लेने लगे थे.

आपने इसके बाद बहुत से विज्ञापन में काम किए और सीरियल भी किए तो क्या आपको लगता था कि आप अपने साथ पढ़ने वालों से अलग हैं?

निश्चित रूप से ऐसी भावना ज़रूर आ जाती है कि आप सब से अलग हैं, पर ख़ुशी भी होती थी क्योंकि इतनी छोटी उम्र में जो अनुभव मुझे मिला है वो बहुत ही कम लोगों को मिलता है. हमने सेट पर बहुत मस्ती की थी. काम बहुत खुशनुमा माहौल में हुआ था.

अभिनेत्री के रूप में आपकी पहली फ़िल्म थी देसामुदुरु जो तेलगु फ़िल्म थी. कैसा रहा वो अनुभव?

जब आप एक बाल कलाकार के रूप में काम करते हैं तो आप से उम्मीद होती है पर उतनी नहीं. हीरोइन के रूप में आप पर बहुत ज़िम्मेदारी होती है, आप से उम्मीद की जाती है कि हर शॉट पूरी तरह ठीक हो.

हिंदी में आप की पहली फ़िल्म थी "आप का सुरूर" जो बहुत सफल रही...

जी बहुत ख़ुशी हुई थी. हिमेश जी बहुत अच्छे कलाकार हैं उनके साथ काम करके बहुत मज़ा आया था और फिर फ़िल्म अच्छी चली तो मज़ा दोगुना हो गया.

आप दक्षिण की फ़िल्मों में भी काम करती हैं क्या अंतर महसूस करती हैं दक्षिण की फ़िल्मों और हिंदी फ़िल्मों में?

दोनों जगह काम करने का अनुभव बहुत ही अलग है. बहुत कुछ सीखने को मिलता है. दोनों जगह के वातावरण में बहुत अंतर होता है पर जैसा प्यार मुझे यहाँ मिलता है वैसा ही प्यार वहां भी मिलता है. मै अभी भी दक्षिण की फ़िल्मों मै काम कर रही हूँ पर अभी मेरा फ़ोकस हिंदी फ़िल्मों की तरफ़ ज़्यादा होगा.

आपने इतनी छोटी सी उम्र में इतनी भाषाओं का ज्ञान कैसे पा लिया?

मुझे भाषा सीखने का बहुत शौक़ है. मै जहाँ भी जाती हूँ वहां की बोली सीखने की कोशिश करती हूँ क्योंकि हमेशा एक उत्सुकता होती है कि वो क्या बात कर रहे हैं. अभी तो बहुत सी भाषाएँ आती है तो बहुत अच्छा लगता है.

ऐक्टिंग के आलावा आप क्या करती हैं?

मै पढ़ती हूँ, संगीत सुनती हूँ और खेलती हूँ.

आप कौन सा खेल खेलती हैं, और क्या पढना पसंद करती हैं?

धूप में तो मै जाती नहीं, इसीलिए इनडोर गेम्स खेलती हूँ, जैसे बैडमिंटन, स्क्वैश. मैं उपन्यास पढ़ना ज़्यादा पसंद करती हूँ.

आप इतनी फ़िट हैं इस के पीछे राज़ क्या है?

मै पानी बहुत पीती हूँ, ज़्यादा खाने का मुझे शौक़ नहीं है. योग करती हूँ, नाश्ता अच्छा करती हूँ. देर रात में खाना खाने से परहेज़ करती हूँ. अच्छी नींद लेती हूँ.

आपकी एक फ़िल्म आई थी मनी है तो हनी है, इसका कौन सा सीन आप को बहुत पसंद है?

वैसे तो पूरी फ़िल्म ही मुझे पसंद है और ये चली भी थी पर इसमें एक सीन था जिसमें मै गोविंदा जी के पिता से बात करती हूँ. एक फ़िल्म निर्देशक समझ कर मैं एक ही डायलॉग को कई तरह से बोलती हूँ, वो सीन बहुत ही फ़नी था.

आपके शब्दों में हंसिका क्या है?

हंसिका वो भाग्यशाली लड़की है जो न टेंशन देती है न टेंशन लेती है. बहुत शांत और फ़न लविंग है. जीवन के हर लम्हे का आनंद लेती है.

बीबीसी पढ़ने वालों को आप क्या कहना चाहेंगी?

आप सभी का भविष्य अच्छा हो. स्वयं पर विश्वास रखें. आप ये समाचार इसलिए पढ़ रहें है क्योंकि इसमें सच्ची जानकारी है.

संबंधित समाचार