रैंप पर रंगीली उर्मिला का जलवा

उर्मिला मातोंडकर
Image caption अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर दिल्ली में फैशन वीक में रैंप पर नज़र आईं

ऐक्ट्रैस उर्मिला मातोंडकर 28 अक्तूबर को दिल्ली में ख़त्म हुए फैशन वीक में डिज़ाइनर जया राठौड़ के लिये रैंप पर उतरीं. उर्मिला कहती हैं कि उन्हें रैंप पर चलना हमेशा से ही अच्छा लगता है क्योंकि इसमें काफी सारी बातों का मिश्रण होता है. उसमें ग्लैमर, स्टाइल और फैशन सब कुछ होता है.

फैशन डिज़ाइनर्स और बॉलीवुड सितारों की ये जुगलबंदी कोई नई बात नहीं है. 24 से 28 अक्टूबर तक चले इस फैशन वीक में सुष्मिता सेन, मिनिशा लांबा, सलमान ख़ान, कैटरीना कैफ और रणबीर कपूर जैसे बॉलीवुड के कई बड़े-बड़े नामों ने विभिन्न डिज़ाइनरों के लिये रैंपवॉक किया.

उर्मिला मतोंडकर कहती हैं कि किसी डिज़ाइनर की प्रतिभा का मापदंड उसके लिये रैंप पर चलने वाले सितारे नहीं बल्कि उसका काम है. उर्मिला कहती हैं, “ कोई अगर अपने काम में बेहतरीन है तो बिना किसी सितारे की मदद से भी वो अपनी छाप छोड़ने में कामयाब होता है. जब कोई स्टार आता है तो बस उस डिज़ाइनर के लिये दिलचस्पी बढ़ जाता है.”

Image caption फिल्मी सितारों का डिज़ाइनर्स के लिये रैंपवॉक करना कोई नई बात नहीं है

रंगीला, दौड़, और मस्त जैसी फिल्मों में ग्लैमर्स रोल्स के लिये पहचान बना चुकी उर्मिला के ख़ुद का फैशन स्टेटमेंट क्या है? उर्मिला कहती हैं, “ कुछ ऐसा जो आपके व्यक्तित्व और व्यक्तिगत पसंद को उजागर करता हो. आप किसी के भी डिज़ाइन किये हुए कपड़े पहने, ज़रुरी ये है कि वो आपके व्यक्तित्व का हिस्सा लगना चाहिये.”

पिछले कुछ समय से उर्मिला गिनी-चुनी फिल्मों में नज़र आ रही हैं. उनकी आखिरी फिल्म 2008 में रीलीज़ हुई ईएमआई थी. कुछ चुनिंदा फिल्में ही करने के बारे में उर्मिला कहती हैं, “ जब आपने इतना सारा काम किया हो तो फिर ऐसा काम करने का कोई फायदा नहीं है जिसे आपने पहले भी किया हो या जो आपको पसंद न हो. इसलिये वही काम करना चाहिये जिसे करने में आपको मज़ा आये और उसमें चुनौती हो.”

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