बीटल्स के ड्रमर भारत में

पीट बेस्ट
Image caption पीट बेस्ट ने भारत में एक संगीतमय कार्यक्रम प्रस्तुत किया

साठ के दशक में अंतरराष्ट्रीय ख्याति पाने वाले पॉप ग्रुप बीटल्स की बात हो तो पॉल मकार्टनी, जॉन लेनन, जॉर्ज हैरिसन और रिंगो स्टार का नाम ही ध्यान में आता है.

लेकिन इस बैंड के लोक्रप्रिय होने से पहले इनके ड्रमर थे पीट बेस्ट जो आजकल भारत आए हुए हैं और हाल ही में उन्होंने यहाँ एक संगीतमय कार्यक्रम में भाग लिया.

दरअसल ब्रिटेन का पर्यटन विभाग वहाँ के शहर लिवरपूल को भारतीय पर्यटकों के बीच लोकप्रिय बनाना चाहता है और पीट बेस्ट भी लिवरपूल के ही हैं. इसके चलते दिल्ली के एक शॉपिंग मॉल में सप्ताह भर 'इमैजिन लिवरपूल' का एक समारोह आयोजित किया गया है.

ये पीट की भारत में पहली परफ़ॉरमेंस थी. पीट कहते हैं कि भारत आना उनके लिए बहुत सुखद अनुभव रहा.

दरअसल पीट का जन्म चेन्नई में हुआ था लेकिन उनका परिवार तब वापस ब्रिटेन चला गया था जब वो चार साल के थे.

पीट बेस्ट कहते हैं, "मुझे भारत की संस्कृति और यहां के इतिहास में बहुत दिलचस्पी है. मैंने ताज महल देखा और मुझे बहुत भाया". ब्रिटेन में अब बॉलीवुड भी काफ़ी लोकप्रिय हो गया है. ये फ़िल्में काफी़ रोचक लगती हैं."

पीट ने बीटल्स के साथ 1960 में काम करना शुरू किया लेकिन 1962 में वो बैंड से अलग हो गएए. उनकी जगह बैंड में जगह मिली रिंगो स्टार को. बैंड को असल अंतरराष्ट्रीय ख्याति उसके बाद ही मिली.

ये भारत में पीट का पहला संगीतमय कार्यक्रम था.

पीट बेस्ट का कहना है कि वे हमेशा चाहते था कि वे भारत वापस आएँ लेकिन किसी न किसी कारणवश ये हो ही नहीं पाया".

पीट ने बीटल्स छोड़ने के बाद ब्रिटेन की सिविल सर्विस में 20 साल काम किया और फिर अपना म्यूज़िक बैंड भी बनाया.

उनका कहना है कि उन्हें कभी मौक़ा मिला तो वे बॉलीवुड फ़िल्मों के लिए भी धुन ज़रूर बनाना चाहेंगे.

पीट बेस्ट अब भी अपने बैंड 'द पीट बेस्ट बैंड' के साथ कांसर्ट करते रहते हैं जिसमें उनके भाई रोग भी शामिल हैं.

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