जैक्सन मामले में और तथ्य सामने आए

  • 22 नवंबर 2009
 पॉप गायक माइकल जैक्सन
Image caption माइकल जैक्सन की मौत इस साल जून में हुई थी

माइकल जैक्सन की मौत के कारणों की जाँच के ताज़ा दस्तावेज़ के मुताबिक़ उनके निजी डॉक्टर कोनराड मरे ने बेहोशी की दवा प्रोपोफ़ोल मई में लॉस वेगास से खरीदकर माइकल जैक्सन को लॉस ऐन्जीलीस भेजी थी.

इस वर्ष जून में मशहूर पॉप गायक माइकल जैक्सन का देहांत हो गया था. इसके बाद उनके परिवार वालों ने कुछ गड़बड़ होने की शिकायत की थी और तब से इस मामले में जाँच चल रही है.

मौत की जाँच करने वाले अधिकारी ने कहा है कि यह मौत एक हत्या है जो प्रोपोफ़ोल लेने की वजह से हुई थी. प्रोपोफ़ोल का इंजेक्सन आम तौर पर अस्पतालों में उन मरीजों को दिया जाता है जिनका ऑपरेशन होता है.

मई में हुई थी नियुक्ति

अदालत द्वारा जारी किए गए ये दस्तावेज़ जैक्सन के निजी डॉक्टर कोनराड मरे के घर की छानबीन के वारंट से संबंधित हैं, जिनसे पता चलता है कि 12 मई को डॉक्टर मरे ने लॉस वेगास की एक फ़ार्मेसी से प्रोपोफ़ोल की पांच बोतलें खरीदें थीं.

मई में ही माइकल जैक्सन ने मरे को अपना निजी डॉक्टर नियुक्त किया था.

मरे ने स्वयं यह बात स्वीकार की है कि जिस दिन माइकल जैक्सन की मौत हुई थी उस दिन उन्होंने जैक्सन को प्रोपोफ़ोल का इंजेक्सन दिया था.

लेकिन डॉ मरे ने यह भी कहा कि इसमें कोई ग़लती नहीं थी. क्योंक माइकल जैक्सन को सोने में मदद के लिए वह प्रतिदिन यह इंजेक्सन दिया करते थे.

लेकिन अमरीका के मादक पदार्थों की नियामक संस्था (डीईए) का कहना है कि मरे ने प्रोपोफ़ोल को किसी एक राज्य से खरीद कर दूसरे राज्य में इसका इस्तेमाल करके कोई क़ानूनी अपराध नहीं किया है.

मरे के वकील ने कहा कि इस ताज़ा दस्तावेज़ में कोई चौंकाने वाले तथ्य नहीं हैं क्योंकि यह सब बातें मरे ने पूछताछ के दौरान अधिकारियों को बता दी थीं. ग़ौरतलब है कि फ़िलहाल डॉक्टर मरे के ख़िलाफ़ कोई अभियोग नहीं चलाया जा रहा है.

संबंधित समाचार