संगीत पर क़ुरबान सुलेमान मर्चेंट

  • 23 नवंबर 2009
करीना कपूर और सैफ़ अली ख़ान
Image caption करीना कपूर और सैफ़ अली ख़ान

2005 की फ़िल्म काल के बाद एक बार फिर संगीतकार सलीम-सुलेमान की जोड़ी ने करण जौहर की धर्मा प्रोड्क्शन्स की फ़िल्म क़ुरबान में संगीत दिया है.

फ़िल्म का निर्देशन रेंसिल डी सिल्वा ने किया है जिनकी बतौर निर्देशक ये पहली फ़िल्म है. आंतकवाद की पृष्ठभूमि पर बनी सैफ़ अली ख़ान और करीना कपूर-स्टारर इस फ़िल्म का संगीत इन दिनों काफ़ी लोकप्रिय हो रहा है.

इस संगीतकार जोड़ी के सुलेमान मर्चेंट से बीबीसी ने बातचीत की.

क़ुरबान के गानों में सूफ़ी संगीत का प्रभाव साफ़ है. इस बारे में सुलेमान मर्चेंट का कहना है कि फ़िल्म की पृष्ठभूमि काफ़ी सूफ़ियाना है और फ़िल्म का हीरो सैफ़ मुसलमान है.

सुलेमान कहते हैं, “ फ़िल्म की जो भी स्क्रिप्ट हमें मिली थी उससे ये साफ़ नज़र आ रहा था कि फ़िल्म का संगीत काफ़ी सूफ़ियाना रहेगा. हमने वही किया है. हां, हमारे काम में जो एक मॉर्डन टच रहता है जो हमारी छाप रही है, वो बरकरार रखते हुए जो सूफ़ियाना अंदाज़ होता है वो हमने पेश करने की कोशिश की है. संगीत लोकप्रिय हो गया है और लोगों को पसंद भी आ रहा है.”

फ़िल्म में मेल प्लेबैक सोनू निगम के अलावा कैलाश खेर, सुखविंदर सिंह, विशाल डडलानी, और सलीम मर्चेंट ने भी दिया है.

संगीत लोकप्रिय

इनमें से सुखविंदर सिंह, कैलाश खेर और विशाल डडलानी खुद भी संगीतकार हैं. सुलेमान कहते हैं कि ये सभी हमारे बहुत अच्छे दोस्त हैं.

Image caption फ़िल्म क़ुरबान का संगीत सलीम-सुलेमान की जोड़ी ने दिया है.

सुलेमान ने बताया, “ उनसे गाना इसलिए नहीं गवाया कि वो संगीतकार हैं बल्कि इसलिए कि उनकी आवाज़ उन गानों के लिए सही थी.”

वैसे तो क़ुरबान के सभी गाने लोकप्रिय हो रहे हैं लेकिन खुद सुलेमान का पसंदीदा गाना अली मौला है क्योंकि वो हज़रत अली की शान में है और गाने से ज़्यादा प्रार्थना है और इसलिए भी क्योंकि ये गाना सलीम ने गाया है.

सलीम-सुलेमान की जोड़ी फ़िल्मों का संगीत बनाने के साथ ही बैकग्राउंड म्यूज़िक भी देते हैं.

सुलेमान कहते हैं, “ बैकग्राउंड म्यूज़िक और फ़िल्मों में संगीत देना, दोनों ही में अलग तरह की चुनौती है और हमें दोनों में मज़ा आता है. पार्श्व संगीत बनाने में ये चुनौती है कि फ़िल्म के बैकग्राउंड को जोड़ कर और दृश्यों को समझ कर संगीत बनाना होता है जो फ़िल्म को आगे बढ़ाता है. गानों के लिए संगीत बनाने में ये चुनौती होती है कि एक हिट गाना कैसा बनाया जाए.”

धूम टू, चक दे इंडिया, फ़ैशन, आजा नच ले, रब ने बना दी जोड़ी जैसी कई फ़िल्मों में ये जोड़ी संगीत दे चुकी है जो बहुत लोकप्रिय हुआ.

सुलेमान कहते हैं, “ संगीत हमारे लिए जुनून है न कि काम और अगर आपका जुनून ही आपका काम बन जाए तो उससे बेहतर और क्या हो सकता है. हम जब स्टूडियो में होते हैं तो ये नहीं सोचते कि डैडलाइन है या ये काम है, वो हमारे लिए फ़न होता है.”

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