रविशंकर और अनुष्का की जुगलबंदी

  • 4 दिसंबर 2009
पंडित रवि शंकर और अनुष्का शंकर
Image caption पंडित रवि शंकर और अनुष्का शंकर एक साथ एक मंच पर होंगे

अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त भारतीय सितार वादक रवि शंकर अपनी पुत्री अनुष्का शंकर के साथ एक बार फिर दिल्ली में एक कंसर्ट करेंगे.

ये कंसर्ट 5 दिसंबर को दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित नेहरु पार्क में होगा.

89 साल के पंडित रवि शंकर अब भी अपनी कला का प्रदर्शन करते रहते हैं.

इस बारे में पूछे जाने पर रवि शंकर कहते हैं, “मैं अपने श्रोताओं के लिए ये सब करता हूं. मैं श्रोताओं की मौजूदगी से ही पूरी तरह से प्रेरित हो जाता हूं. मैं उम्र या किसी और समस्य को भूल जाता हूं. अब मुझे ये फ़र्क नहीं पड़ता कि मैं भारत,यूरोप या अमरीका में शो कर रहा हूं.”

रवि शंकर अकसर अपनी पुत्री अनुष्का शंकर के साथ कंसर्ट करते हैं.

वो कहते हैं,'' अनुष्का के साथ सितार वादन करना उन्हें ऐसा लगता है कि जैसे वो अपने ही जिस्म के हिस्से के साथ पेशकश कर रहे हैं.''

यादें

रवि शंकर पुराने दिनों की बात करते हुए अपने गुरु अलाउद्दीन ख़ान साहब को याद करते हैं.

रवि शंकर कहते हैं, “वो एक लाजवाब संगीतकार और बढ़िया शख़्सियत थे. वो कहते हैं कि उनमें और उनके उस्ताद में उम्र का ज़्यादा फ़र्क नहीं था.”

वाराणसी में जन्मे रवि शंकर उस शहर बड़े चाव से याद करते हैं, “मेरे दिल में वाराणसी के लिए विशेष स्थान है.मैं वहां एक आश्रम बनाना चाहता था लेकिन दुर्भाग्यवश ये नहीं हो पाया. मैं अरसे से वहां नहीं गया हूं. इस बार शायद मैं वहां जाऊं.”

अपने भाई उदय शंकर के साथ रवि शंकर ने 10 साल की उम्र से ही अपनी कला का प्रदर्शन करना शुरु कर दिया था. वो कहते हैं कि शुरु-शुरु में तो उन्होंने बांसुरी, सरोद और सितार सभी कुछ बजाया था.

संगीत के बारे विचार व्यक्त करते हुए पंडित जी कहते हैं कि पॉप म्यूज़िक को जल्दी ही भुला दिया जाता है लेकिन शास्त्रीय संगीत लगातार बेहतर होता रहता है.

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