नोबेल और बुकर महिलाओं के नाम

  • 26 दिसंबर 2009

हर साल साहित्य जगत और साहित्य प्रेमियों की नज़र दो बड़े पुरस्कारों पर लगी रहती है- नोबोल पुरस्कार और बुकर अवार्ड.

वर्ष 2009 में नोबेल और बुकर दोनों अवॉर्ड महिलाओं की झोली में गए. नोबेल पुरस्कार जर्मन लेखिका हेर्ता मुलर को दिया गया है तो बुकर मिला ब्रिटेन की लेखिका हिलेरी मांटेल को. आइए नज़र डालते हैं इन विजेताओं पर

नोबेल पुरस्कार

रोमानिया में जर्मन अल्पसंख्यक परिवार में पैदा हुईं और जर्मनी में रहने वाली लेखिका हेर्ता मुलर को 2009 का नोबेल पुरस्कार मिला.

उन्होंने अपनी रचनाओं में रोमानिया में कम्यूनिस्ट शासन के दौरान अल्पसंख्यक जर्मन समुदाय की दुश्वारियों भरी ज़िंदगी का चित्रण किया है और वे इसी के लिए जानी जाती रही हैं.

हेर्ता मुलर की कुछ ही पुस्तकों का अंग्रेज़ी में अनुवाद हुआ है, जिनमें 'दि एपाइंटमेंट' सहित, 1986 में छपी 'पासपोर्ट', और 1994 में प्रकाशित 'दी लैंड ऑफ़ ग्रीन प्लम्स' शामिल है. पूरी कहानी पढ़िए

बुकर पुरस्कार

वर्ष 2009 का बुकर पुरस्कार ब्रिटेन की लेखिका हिलेरी मांटेल को दिया गया. ये अवॉर्ड उन्हें अपनी पुस्तक वुल्फ़ हॉल के लिए मिला.

हिलेरी की किताबों में एट मंथ्स ऑन ग़ाज़ाह स्ट्रीट, ए चेंज ऑफ क्लाईमेट और गीविंग अप द घोस्ट: ए मेमॉयर प्रमुख हैं. बुकर पुरस्कार पहली बार 1969 में दिए गए थे. पूरी कहानी पढ़िए

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