महान संगीतकारों पर किताब

अमान अली ख़ान और अयान अली ख़ान

युवा सरोद वादक अमान अली ख़ान और अयान अली ख़ान ने पिछले 100 साल के 50 महान संगीतकारों के बेहतरीन संगीत पर किताब लिखी है. किताब के साथ पचास शास्त्रीय संगीतकारों की रिकॉर्डिंग का एक सीडी भी है. पुस्तक का शीर्षक है – '50 माइस्ट्रोज़, 50 रेकॉर्डिंग्स.'

अमान अली ख़ान और अयान अली ख़ान सेनिया बंगाश घराने की सातवीं पीढ़ी के संगीतकार हैं. उनके पिता अमजद अली ख़ान भारतीय शास्त्रीय परंपरा के एक बड़ा नाम हैं.

इस पुस्तक में बेग़म अख़्तर, भीमसेन जोशी, इनायत ख़ान,रवि शंकर,बिस्मिल्लाह ख़ान, एमएस सुब्बालक्ष्मी और शिवकुमार शर्मा जैसे महान संगीतकारों के काम की प्रभावशाली रिकॉर्डिंग का वर्णन है.

अमान अली ख़ान तो भारतीय संगीत के दिग्गजों से संगीत के बारे में बातचीत करके ही ख़ुद को धन्य समझते हैं. उन्होंने बीबीसी को एक विशेष बातचीत में बताया,"ये हमारा सौभाग्य है कि हम इन लोगों से मिल पाए. इनमें से हर व्यक्ति एक संस्थान है. इन लोगों ने कई संगीतकार बनाए हैं."

अमान कहते हैं कि इस पुस्तक में कई ऐसे लोगों का ज़िक्र भी है जिनसे वो कभी नहीं मिले लेकिन बचपन से इन हस्तियों के बारे में वो अपने पिता अमजद अली ख़ान से काफ़ी कुछ सुनते आए हैं.

अमान के मुताबिक जिन लोगों को शास्त्रीय संगीत के बारे में ज़्यादा नहीं पता उनके लिए यह पुस्तक एक ट्रेलर की तरह है.

किताब में कुछ दुर्लभ तस्वीरें और दिलचस्प क़िस्से भी शामिल हैं जो पाठकों को इन कलाकारों के अनछुए पहलुओं से रुबरु करवाएंगे.

अयान अली ख़ान कहते हैं कि उनके प्रकाशक पचास बेहतरीन फ़िल्मों पर किताब प्रस्तुत करने के बाद शास्त्रीय संगीत पर भी कुछ ऐसा ही करना चाहते थे.

अयान अली ख़ान ने बीबीसी को बताया, "जब शास्त्रीय संगीत की बारी आई तो उन्होंने हमारे बारे में सोचा. ये एक सम्मान की बात है. उनको लगा कि इस किताब के ज़रिए वो आज के श्रोताओं और पाठकों से एक रिश्ता क़ायम कर पाएंगे."

अयान बताते हैं कि भारतीय शास्त्रीय संगीत एक विशाल समुद्र है और इसमें केवल पचास हीरे निकालना आसान नहीं था. वो कहते हैं कि इन 50 लोगों ने भारतीय संगीत के विकास में एक अग्रणी भूमिका निभाई है.

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