क्रिसमस पर आमिर का तोहफ़ा

थ्री इडियट्स प्रीमियर

आमिर ख़ान की पिछली दो फ़िल्मों तारे ज़मीं पर और गजनी की ही तरह उनकी नई फ़िल्म 3 इडियट्स भी क्रिसमस पर सिनेमाघरों में पहुँची है.

फ़िल्म के मुख्य किरदार आमिर ख़ान, माधवन, शरमन जोशी और करीना कपूर हैं. इनमें से आमिर, माधवन और शरमन इंजीनियरिंग छात्र की भूमिका निभा रहे हैं.

फ़िल्म की शूटिंग आईआईएम, बंगलौर में हुई है और इस दौरान सभी ऐक्टर हॉस्टल में रहे. आमिर मानते हैं कि कॉलेज की ज़िंदगी का अनुभव उन्होंने इस फ़िल्म की शूटिंग के दौरान किया.

आमिर कहते हैं, "मेरी कॉलेज लाइफ़ बहुत कम रही क्योंकि मैंने सिर्फ़ 11वीं और 12वीं की है. इसके बाद मैं बतौर सहायक निर्देशक फ़िल्मों से जुड़ गया. कॉलेज के दौरान भी मैं पढ़ाई से ज़्यादा नाटकों में हिस्सा लिया करता था."

असल ज़िंदगी में इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के छात्र रहे माधवन का कहना है कि वो पढ़ाई बहुत ज़्यादा पसंद नहीं करते थे लेकिन वो ऐक्टिंग पसंद करते हैं और अब भी सीख रहे हैं.

अपने किरदार के बारे में आमिर कहते हैं कि किरदार उनके ख़ुद के व्यक्तित्व से काफ़ी मिलता है. रैंचो या रणछोड़दास की ही तरह वो भी असली ज़िंदगी में सफलता नहीं बल्कि क़ाबलियत में यक़ीन करते हैं.

आमिर कहते हैं, "मेरे किरदार की ही तरह मैं वही करता हूं जो मेरा दिल कहता है और जिसे करने में मुझे मज़ा आता है."

फ़िल्म के बारे में आमिर कहते हैं, "जो फ़िल्म कहने की कोशिश कर रही है वो ये कि इडियट वो होता है जो एकदम अलग काम करता है, जो अपने दिल की बात मानता है. उस समय हमें लगता है कि ये ग़लत कर रहा है लेकिन बाद में हमें अहसास होता है कि वो सही था और हम ग़लत थे."

Image caption थ्री इडियट्स में पहली बार आमिर ख़ान और करीना कपूर एक साथ काम किया है.

इस फ़िल्म में पहली बार आमिर ख़ान और करीना कपूर की जोड़ी एक साथ नज़र आ रही है. करीना कहती हैं, "ये फ़िल्म मेरे करियर का एक मील का पत्थर है क्योंकि मैंने आमिर ख़ान के साथ काम किया है. मैं मानती हूं कि आमिर जीनियस हैं."

करीना के बारे में आमिर कहते हैं, "मैं काफ़ी समय से करीना के साथ काम करना चाह रहा था जो मुझे इस फ़िल्म के ज़रिए मिला. करीना अपने काम के प्रति बहुत समर्पित हैं. उनके साथ काम करके बहुत अच्छा लगा. वो बहुत अच्छी इंसान भी हैं."

3 इडियट्स का निर्देशन किया है मुन्नाभाई सिरीज़ के निर्देशक राजकुमार हिरानी ने. राजू के बारे में आमिर कहते हैं कि उन्होंने फ़िल्म में कुछ बहुत महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं लेकिन बहुत मज़ेदार तरीके से जैसा कि उनकी पिछली फ़िल्में मुन्नाभाई सिरीज़ में भी दिखी थी.

आमिर ये भी कहते हैं कि फ़िल्म ऊट-पटांग कॉमेडी नहीं है, असली ज़िंदगी में जिन बातों में हमें हंसी आती है, उस तरह की कॉमेडी है.

अपने सीन की वास्तविकता के बारे में राजू हिरानी कहते हैं, "मैं और मेरे सह-लेखक अभिजात जोशी हमेशा अपनी ज़िंदगी की घटनाओं से प्रेरित होकर कहानी और सीन लिखते हैं. शायद इसलिए लोग कहते हैं कि उन्होंने इस तरह के सीन पहले नहीं देखे."

राजू कहते हैं कि आपको ख़ुद को भी दर्शक मानना चाहिए. अगर आपको अपनी फ़िल्म पर हंसी आ रही है, अगर आपको भी वो अच्छी लग रही है, तो उम्मीद करो कि लोगों को भी पसंद आएगी.

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