अभिनेता के निधन से व्यथित प्रशंसक

विष्णुवर्धन
Image caption विष्णुवर्धन ने अपने करिअर में क़रीब दो सौ फ़िल्मों में काम किया.

'साहससिम्हा' के नाम से मशहूर कन्नड फ़िल्म अभिनेता विष्णुवर्धन का बुधवार तड़के दिल का दौरा पड़ने से मैसूर के एक अस्पताल में निधन हो गया.

वे 59 साल के थे और पिछले कुछ समय से पैर में दर्द की शिकायत होने पर मैसूर के कुमार अस्पताल में भर्ती थे.

विष्णुवर्धन के परिवार में पत्नी और मशहूर अभिनेत्री भारती और दो दत्तक पुत्रियाँ कीर्ती और चंदना हैं.

शोक की लहर

उनके निधन की ख़बर आते ही लोगों में शोक की लहर दौड़ गई. उनका शव सुबह करीब सात बजे बंगलुरु के जयनगर स्थित उनके आवास पर लाया गया जहाँ उनके हज़ारों प्रशंसक पहले से ही मौज़दू थे.

प्रशंसक ने आसपास की दुकानों को बंद कराया. इस दौरान उन्होंने कुछ दुकानों और वाहनों पर पत्थर भी चलाए. इसके बाद लोगों ने अपनी दुकानें ख़ुद ही बंद कर लीं और सड़कों पर यातायात रुक गया.

विष्णुवर्धन के घर पहुँच कर शोक जताने वालों में राज्य के मुख्यमंत्री बीएस येदीयुरप्पा प्रमुख थे.

उन्होंने एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है. उन्होंने विष्णुवर्धन को एक जन्मजात अभिनेता बताते हुए कहा, ''उनके निधन से कर्नाटक ग़रीब हो गया है.''

विष्णुवर्धन के निधन के बाद यहाँ के सिनेमा घरों और स्टूडियों को बंद कर दिया गया और सरकारी शिक्षण संस्थानों में छुट्टी की घोषणा कर दी गई.

मैसूर में 18 सितंबर 1950 को जन्मे संपत कुमार ने फ़िल्मी दुनिया में पहुँचने के बाद अपना नाम बदलकर विष्णुवर्धन कर लिया था.

Image caption विष्णुवर्धन ने अपनी कुछ फ़िल्मों और कुछ धार्मिक एल्बमों के लिए गाने भी गाए हैं

कन्नड फ़िल्मों के मशहूर अभिनेता और निर्देशक गिरीश कर्नाड की फ़िल्म 'वंशवरुक्ष' में पहली बार काम किया और काफ़ी मशहूर हो गए. इस फ़िल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था.

उनकी अलगी फ़िल्म 'नागराहुवा' का निर्देशन वरिष्ठ फ़िल्मकार पुत्तना कनांगल ने किया था. यह फ़िल्म भी सुपर हिट हुई थी.

उनकी दो सौवीं फ़िल्म 'अपथ रक्षक' रिलीज़ होने के लिए तैयार है. राजकुमार के बाद विष्णुवर्धन को कन्नड फ़िल्मों का सबसे बड़ा स्टार माना जाता है.

विष्णुवर्धन की तमिल फ़िल्मों के सुपर स्टार रजनीकांत से दोस्ती भी थी. उन्होंने कुछ तमिल फ़िल्मों में काम भी किया था. अभी हाल में ही आई रजनीकांत की हिट फ़िल्म 'चंद्रमुखी' विष्णुवर्धन की सुपरहिट फ़िल्म 'अपथमित्र' पर आधारित थी.

उन्होंने अपनी कुछ फ़िल्मों और कुछ धार्मिक एल्बमों के लिए गाने भी गाए थे.

अपने 37 साल के फ़िल्मी करिअर में विष्णुवर्धन ने 199 फ़िल्मों में काम किया. उन्होंने कई तरह के चरित्र निभाए जिनमें यंग्री-यंग-मैन से लेकर विद्रोही और सुधारवादी की भूमिकाएँ शामिल हैं.

उन्हें सात राजकीय और पाँच फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था.

बैंगलोर विश्वविद्यालय ने उनकी उपलब्धियों को देखते हुए डॉक्टरेट की मानद उपाधी से नवाज़ा था.

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