बाल्कि का मसाला फ़िल्म प्रेम

बाल्कि

‘चीनी कम’ और ‘पा’ जैसी मानवीय रिश्तों पर सशक्त फ़िल्में बनाने वाले फ़िल्म निर्देशक बाल्कि के नाम से मशहूर आर बालाकृष्णन को हिंदी की मसाला फ़िल्में बहुत पसंद हैं.

बीबीसी से बातचीत में बाल्कि ने बताया, “मुझे करन जौहर की फ़िल्में बहुत पसंद हैं. मुझे तरुन मनसुखानी की ‘दोस्ताना’ अच्छी लगी थी. आयन मुखर्जी के ‘वेक अप सिड’ भी मुझे अच्छी लगी थी.”

बाल्कि कहते हैं कि उन्हें मसाला फ़िल्में पसंद हैं. उन्हें वांटेड और वेलकम जैसी फ़िल्में देखने में भी ख़ूब मज़ा आया.

मानवीय रिश्ते

निर्देशक आर बालाकृष्णन यानी बाल्कि की फ़िल्में लीक से हटकर होतीं हैं. बाल्कि की दोनों फ़िल्मों यानि ‘चीनी कम’ और ‘पा’ की कहानी आम बॉलीवुड फ़िल्में से काफ़ी अलग थी. इन फ़िल्मों में मानवीय रिश्तों की पड़ताल एक भिन्न दृष्टिकोण से की गई है.

बाल्कि कहते हैं, “मैं मानवीय संबंधों के बारे में काफ़ी वास्तविकता से सोचता हूं. मेरे किरदार मेरे लिए परंपरागत हैं, मैं उन्हें ग़ैर-परंपरागत बनाने की जानबूझ कर कोई कोशिश नहीं करता.”

बाल्कि की फ़िल्म ‘पा’ को साल की शुरुआत से ही अवार्ड मिलना शुरु हो गए हैं. बाल्कि कहते हैं, “पुरस्कार इस बात का सबूत होते हैं कि ज्यूरी को फ़िल्म पसंद आई लेकिन मेरे लिए सबसे अहम ये बात है कि लोगों को फ़िल्म कैसी लगी.”

उनकी दोनों ही फ़िल्मों में अमिताभ बच्चन प्रमुख भूमिका में रहे हैं. बाल्कि कहते हैं कि ‘चीनी कम’ लिखने के लिए उन्हें बच्चन ने ही प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि उनके लिए ये बात बहुत अहम कि अमिताभ बच्चन उनके हुनर पर यक़ीन करते हैं.

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