'पा' की प्रशंसा से अभिभूत विद्या

  • 21 जनवरी 2010
विद्या बालन
Image caption स्टार स्क्रीन अवार्ड में बिद्या बालन को 'पा' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का इनाम दिया गया

बॉलीवुड अभिनेत्री विद्या बालन का कहना है कि फ़िल्म 'पा' से मिली प्रशंसा से वो बहुत ही अभिभूत हैं और स्टार स्क्रीन अवार्ड में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का इनाम मिलना उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि है.

विद्या ने बीबीसी से एक विशेष बातचीत में कहा, "पा देखने के बाद अनेक माँओं ने मुझसे कहा कि वो 'विद्या' जैसी माँ बनना चाहती हैं, ये मेरे लिए सबसे बड़ी प्रशंसा रही."

'पा' में विद्या बालन ने विद्या नामक एक माँ का किरदार निभाया है. 'पा' की बात करने पर विद्या झूम उठती हैं और चेहरे खिल उठते हैं. मीडिया, फ़िल्म जगत और दर्शकों से मिली वाहवाही से वो फूले नहीं समाती.

बातचीत के दौरान वो हर पल अमिताभ बच्चन की तारीफ़ की पुल बांधती हैं और कहती है कि फ़िल्म में काम करने के बाद वो उनसे और अधिक प्रभावित हुई हैं.

लेकिन दिल को छू जाने वाली प्रशंसा पर विद्या कहती है, "फ़िल्म जगत की अनेक बड़ी हस्तियों ने मेरे अभिनय की तारीफ़ की है. साथ ही बहुत सारी माँओं ने मुझे कहा कि उनकी यही कोशिश होगी कि वो विद्या जैसी माँ बने, ये बात मेरी दिल का छू जाती है."

जोखिम भरा किरदार

फ़िल्मी करियर के इस पड़ाव पर 'पा' में एक 13 साल के बच्चे की माँ का किरदार निभाने के सवाल पर विद्या कहती हैं, "जोखिम तो था, डर भी था कि कहीं स्टिरियोटाइप तो नहीं समझ ली जाऊंगी. लेकिन काफ़ी सोचने समझने के बाद लगा कि इस फ़िल्म से ऐसी छवि नहीं बनेगी. क्योंकि एक 67 साल के अभिनेता का एक 13 के बच्चे का किरदार निभाना मामूली बात नहीं है. इसलिए मुझे एहसास हो गया कि इससे मुझे नुक़सान नहीं होगा."

वो आगे कहती हैं, "पा की माँ की भूमिका निभाना मेरे लिए एक मौक़ा था और मैं नहीं चाहती थी कि इस मौक़े को गंवा दिया जाए, क्योंकि यह किरदार मेरे लिए एक अद्भुत चुनौती थी."

विद्या कहती है कि जब से उनका 'ओरो' से परिचय हुआ है कि वो बच्चों से अधिक प्यार करने लगी हैं. हंसते हुए स्वीकार करती हैं कि उनमें ममता जाग उठी है.

एक सवाल के जवाब में विद्या स्वीकार करती है कि उनके चेहरे पर जो मुस्कान और चमक है उसकी वहज 'पा' की कामयाबी और इश्किया की रिलीज़ की दलहीज़ पर होना है. लेकिन इसके अलावा व्यायाम, सोच-समझकर खाना और ठीक से सोना भी है और दूसरी चीज़ें भी इसके लिए ज़िम्मेदार है.

विद्या कहती हैं, "मुस्कान के लिए ख़ुश रहने का मिजाज़ भी बनाना पड़ता है."

हालाँकि विद्या कहती है कि उनके चेहरे पर जो चमक आई है वो झटके में नहीं हुआ है, बल्कि इसके लिए ख़ासी मशक़्क़त करनी पड़ी. लाइफ़ स्टाइल बदलना पड़ा, व्यायाम और डाइट का तो ख़्याल रखना ही पड़ा.

जब विद्या बालन से उनके किसी न किसी साथी कलाकार से जोड़े जाने पर पूछा गया तो वो कहती हैं, "देखिए मैं चाहती हूँ कि नए साल में हर तरह से कुछ इश्किया हो जाए."

ग़ौरतलब है कि उनकी आने वाली फ़िल्म का नाम 'इश्किया' है. इश्किया में अपने किरदार के बारे में उनका कहना है कि ये फ़िल्म 'पा' से बिल्कुल अलग और विपरीत है.

'प्रदर्शन सबकुछ है'

Image caption विद्या बचपन में काफ़ी मोटी थीं और उन्हें सिर्फ़ खाने-पीने की धून रहती थी.

विद्या बताती हैं, इश्किया में मेरा किरदार एक अक्रामक औरत का है, जो ग़ुस्से में थप्पड़ मारती है, गाली भी दे देती है, गोली चलाने से पहले सोचती तक नहीं है.

इश्किया में ऐसे किरदार मिलने को विद्या अपने लिए एक अवसर मानती है और कहती है कि उनके लिए यह बड़ी कामयाबी है क्योंकि फ़िल्म जगत में बहुत कम ऐसी अभिनेत्रियाँ हैं जिन्हें ऐसे विविध क़िस्म के किरदार निभाने का मौक़ा मिलता है.

इश्किया को एक रोमांचक फ़िल्म बताती हुई इसकी कहानी के बारे में विद्या का कहना है ऐसे तीन लोगों की कहनी है जिसे इश्क एक अलग ही रास्ते पर ले जाता है. फिर उन तीनों की ज़िंदगी में जो बवाल होता है उसे ही दिखाया गया है.

फ़िल्म में चुंबन के अनेक सीन हैं, उस पर उनका कहना है, "फ़िल्म देखने के बाद लोग केवल इस सीन की बात नहीं करेंगे, बल्कि उसके दिगर आयाम पर बात करेंगे. चुंबन कहानी की ज़रूरत है."

उनके ड्रेसिंग सेंस पर उठने वाले सलाव पर उनका कहना था, "पता नहीं क्यों लोग सतही चीज़ों पर अधिक ध्यान देते हैं, लेकिन इससे फ़र्क़ नहीं पड़ता, पहले मैं निराश हो जाती थी. मैं जानती हूँ कि प्रदर्शन ही सब कुछ होता है."

स्टार स्क्रीन अवार्ड मिलने पर उनका कहना था, "मुझे उस समय ही बड़ी ख़ुशी हुई जब मुझे नामांकन मिला. मुझे ख़ुशी है मेरे अच्छे अभिनय के लिए ये इनाम मिला है, लेकिन इसका श्रेय फ़िल्म से जुड़े सभी को जाता है. मेरे लिए अमिताभ जैसे अदाकार के साथ इनाम लेना सम्मान की बात है."

जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने पढ़ाई समाजशात्र में की, लेकिन अभिनेत्री कैसी बनीं तो उनका कहना था, "मैं बचपन में कहा करती थी कि मैं मिनी माधुरी बनूंगी. तब से ही नशा था कि मैं एक अभिनेत्री बनूंगी."

विद्या का कहना है कि वो बचपन में एक मोटी-ताज़ी लडकी थीं और उन्हें सिर्फ़ खाने-पीने की धुन रहती थी.

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