रागिनी के तौर पर पहचान से डर नहीं:पारुल

पारुल चौहान
Image caption पिछले तीन साल से रागिनी का किरदार निभा रहीं पारुल चौहान को टाइपकास्ट होने से डर नहीं है

टीवी सीरियल ‘सपना बाबुल का..बिदाई’ में दिखने वाली ऐक्ट्रैस पारुल चौहान बड़े पर्दे पर भी नज़र आयेंगी, हालांकि इसमें अभी समय है.

पारुल ने बीबीसी को बताया कि ‘सपना बाबुल का...बिदाई’ के प्रोड्यूसर राजन शाही ने उन्हें और सह-कलाकार किंशुक महाजन को लेकर एक फ़िल्म बनाने की घोषणा की है. लेकिन उस पर काम फ़िलहाल शुरु नहीं हुआ है.

पारुल कहती हैं, “अभी तो राजन सर स्क्रिप्ट इत्यादि पर काम करेंगे और हमें फ़िल्म के लिए ख़ास ट्रेनिंग भी दी जाएगी.”

हालांकि एक किरदार को लंबे समय तक करने से अक्सर ऐक्टर्स टाइपकास्ट हो जाते हैं लेकिन तीन साल से रागिनी का किरदार निभा रहीं पारुल को ऐसा कोई डर नहीं है.

वो कहती हैं, “अगर लोग मुझे मेरे किरदार रागिनी के रुप में पहचाने तो मेरे लिए भी अच्छा है. मैं किसी और किरदार की छाप अपने ऊपर नहीं पड़ने देना चाहती क्योंकि लोगों ने अब तक रागिनी को देखा है और वो उससे ही प्यार करते हैं. मैं नहीं चाहती कि किसी और किरदार की वजह रागिनी के प्रति दर्शकों का प्यार हटे.”

पारुल ने बिदाई के अलावा झलक दिखला जा और कॉमेडी सर्कस भी किया है. वो कहती हैं कि अब लोग पारुल और रागिनी दोंनो को ही पहचानते हैं.

पारुल का कोई ड्रीम रोल नहीं है. वो कहती हैं कि भविष्य में उन्हें जो भी रोल्स मिलेंगे वो उन्हें करेंगी. पारुल ने बताया, “मेरा सपना था कलाकार बनना, एक ऐसी ऐक्ट्रैस बनना जिसे लोग पहचाने, बोले कि ये पारुल चौहान है. मेरे लिए उतना ही बहुत था. मेरा ये सपना आज पूरा हो गया है और भगवान ने चाहा तो धीरे-धीरे करके और भी आगे बढ़ती जाऊंगी.”

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