कैफ़ी की याद में

शौकत आज़मी
Image caption शौकत आज़मी तब्बू के साथ अपनी पुस्तक के अंग्रेज़ी अनुवाद के साथ

मशहूर शायर और गीतकार कैफ़ी आज़मी की पत्नी शौकत आज़मी की अपने पति से जुड़े संस्मरणों पर लिखी किताब ‘याद की रहगुज़र’ का अब अंग्रेज़ी अनुवाद भी उपलब्ध हो गया है.

अंग्रेज़ी में इस किताब को नाम दिया है – ‘कैफ़ी एंड आई’. पुस्तक का अंग्रेज़ी रुपांतरण किया है नसरीन रहमान ने.

शौकत कैफ़ी ख़ुद भी फ़िल्म और थिएटर जगत की जानीमानी अभिनेत्री रहीं हैं.

पुस्तक के अंग्रेज़ी संस्करण का विमोचन मंगलवार को मुंबई में शौकत कैफ़ी की रिश्तेदार और फ़िल्म अभिनेत्री तब्बू ने किया. इस समारोह में कैफ़ी आज़मी और शौकत आज़मी की बेटी शबाना आज़मी और उनके पति जावेद अख़्तर समेत कई हस्तियाँ शामिल हुईं.

शौकत आज़मी ने कहा कि वो भविष्य में एक और किताब लिख सकतीं हैं, उन्होंने कहा, “मैं सोचती हूं कि जिन लोगों से मिली हूं और जिनके समय बिताया है उनके बारे में लिखूं, जैसे इस्मत चुग़ताई. अली सरदार जाफ़री के बारे में तो मैंने कुछ लिखा है. वे कैफ़ी साहब के बड़े भाई की तरह थे.”

किताब

इस पुस्तक को लिखने की प्रेरणा के बारे में शौकत आज़मी ने कहा, “मेरी ज़िंदगी में बहुत उतार-चढ़ाव आए, अपने मुल्क के लिए काम करने का शौक था.”

जावेद अख़्तर ने कहा कि ये पुस्तक कैफ़ी आज़मी के ज़माने में भारतीय की संस्कृति और सियासत पर एक दृष्टि डालती है.

उन्होंने कहा, “ये ज़िंदगी की बहुत-सी तस्वीरों को दर्शाती है, इसमें हैदराबाद की रंगारंग ज़िंदगी से जुड़ी बातें हैं, मुंबई में कम्युनिस्ट आंदोलन का ज़िक्र है, पृथ्वीराज कपूर और बलराज साहनी की थियेटर से प्रतिबद्धता का बातें करती है, ट्रेड यूनियनों की गतिविधियों का ज़िक्र है और साथ ही शायरों और लेखकों का भी ज़िक्र है.”

Image caption शौकत आज़मी अपने परिवार के साथ

ये पूछे जाने पर कि क्या इस किताब पर भविष्य में कोई फ़िल्म बनाने की योजना है, शबाना आज़मी का कहना था, “कुछ लोगों ने इस पुस्तक पर फ़िल्म बनाने की इच्छा ज़ाहिर की है. ये इतनी ख़ूबसूरत कहानी है कि इस पर यक़ीनन फ़िल्म बन सकती है. एकाध फ़िल्म निर्देशक ने ज़रुर दिलचस्पी दिखाई लेकिन अभी कुछ पक्का नहीं हुआ है.”

शौकत आज़मी भी कहती हैं कि अगर इस पुस्तक पर कोई फ़िल्म बने तो उन्हें बहुत ख़ुशी होगी.

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