बदल रहा है फ़िल्म निर्माण का तरीका: अभय

  • 11 फरवरी 2010
अभय देओल
Image caption अभय देओल कहते हैं कि कभी-कभी उनका मन करता है की वो बॉलीवुड की मसाला फ़िल्में करें.

अभिनेता अभय देओल का कहना है कि बदलते समय के साथ-साथ हिंदी फिल्म जगत में फ़िल्मों के बनाने के तरीके में काफ़ी बदलाव आया है और अलग-अलग तरह का सिनेमा बनाना अब ज़्यादा आसान हो गया है.

अपने कैरियर की शुरुआत से ही अभय लीग से हटकर फिल्में करते रहे हैं. अभय मानते भी हैं कि भारतीय सिनेमा लगातार बदल रहा है और ऐसे में कलाकारों को भी अलग-अलग तरह का रोल करने का मौका मिल रहा है.

वो कहते हैं "मैं काफ़ी खुश हूं कि मुझे ऐसे मौके मिल रहे हैं और भारतीय सिनेमा बदल रहा है. पहले की तरह अब लोगों की मजबूरी नहीं है कि वो एक ही तरह की फ़िल्म लिखें और बनाएं बल्कि अब फ़िल्म मेकिंग का दायरा काफ़ी बढ़ गया है. आज हर तरह की फिल्मों के लिए दर्शक उपलब्ध हैं और मुझे बेहद खुशी है कि मैं इस बदलाव का एक हिस्सा हूं."

उनका ये भी कहना है कि वो मारधाड़ और ड्रामे से भरपूर बॉलीवुड मसाला फ़िल्म भी करना चाहेंगे. वो कहते हैं "मेरा कभी-कभी मन करता है कि मैं भी ऐसी फ़िल्मों में काम करुं और इस तरह की स्क्रिप्ट भी मुझे ऑफर की जाती हैं लेकिन मुझमें इतना आत्मविश्वास नहीं है कि मैं इन फ़िल्मों को कर सकूं."

आमतौर पर अभय देओल जिस तरह की फ़िल्मों में काम करते हैं उनके बॉक्स ऑफिस पर कमाई करने की उतनी उम्मीद नहीं होती तो क्या इस बात का रिस्क उन्हें परेशान नहीं करता.

वो कहते हैं "देखिए जिस तरह की फ़िल्मों में मैं काम करता हूं उनमें रिस्क तो रहता ही है लेकिन अगर आप देखें तो फ़िल्ममेकिंग ही एक रिस्क का धंधा है. यहां ऐसी भी फ़िल्में बनती हैं जिनका बजट काफ़ी बड़ा होता है, उसमें बड़े-बड़े स्टार्स काम करते हैं और उसमें सारा मसाला मौजूद रहता है लेकिन फिर भी वो नहीं चल पातीं तो मैं सोचता हूं कि क्यूं न छोटे बजट की ही अच्छी फिल्मों में काम करके और ज्यादा रिस्क लूं."

अभय ने ये बातें अपनी अगली फिल्म 'रोड-मूवी' के ट्रेलर रीलिज़ किए जाने के मौके पर कहीं. 'रोड-मूवी' की कहानी एक ऐसे लड़के की है जिसके पिता का तेल बेंचने का धंधा होता है लेकिन उसे ये पसंद नहीं है और फिर अचानक एक दिन वो मौका देखकर घर से निकल जाता है.

ये पूछे जाने पर कि उन्हें क्या पसंद आया इस फिल्म और अपने किरदार में, तो उन्होंने कहा "ये काफी अलग किस्म का रोल है, ये किरदार नई चीज़ों को करने से डरता तो है लेकिन उन्हें करने से बाज़ भी नहीं आता. मुझे ये ही बात काफ़ी अच्छी लगी और दूसरा ये कि इस फ़िल्म की शूटिंग हमने राजस्थान में की है और मुझे काफ़ी मज़ा आया."

'रोड-मूवी' का निर्देशन देव बेनेगल ने किया है जो इससे पहले 'इंग्लिश ऑगस्ट' नाम की चर्चित फ़िल्म बना चुके हैं. 'रोड-मूवी', टोरंटो फ़िल्म फेस्टीवल में दिखाई जा चुकी है और इसकी काफ़ी तारीफ़ भी हुई है. अब इसकी स्क्रीनिंग बर्लिन फ़िल्म फ़ेस्टिवल में होने जा रही है.

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