पिंक फ़्लॉयड ने ईएमआई को कोर्ट में घसीटा

पिंक फ़्लॉयड ग्रुप
Image caption पिंक फ़्लॉयड और ईएमआई के बीच वर्ष 1967 से क़रार है

इंटरनेट पर गानों की बिक्री से मिलने वाली रॉयल्टी और उन्हें बेचने के तरीक़े को लेकर रॉक बैंड पिंक फ़्लॉयड ने म्यूज़िक कंपनी ईएमआई को अदालत में घसीटा है.

पिंक फ़्लॉयड और ईएमआई के बीच वर्ष 1967 में क़रार हुआ है, पर बैंड ने ईएमआई को इंटरनेट के माध्यम से हुई आय और रॉयल्टी के मामले को अदालत में चुनौती दी है.

साथ ही बैंड ने कोर्ट से जानना चाहा है कि क्या म्यूज़िक कंपनी को पूरी एलबम के अलावा इकलौते गाने को बेचने का अधिकार है?

इस मुक़दमे की सुनवाई लंबी चलने की आशंका के बीच ख़ुद पिंक फ़्लॉयड पहली सुनवाई पर नहीं पहुँचे.

मामला

इस मामले में पिंक फ़्लॉयड के वकील रार्बट होव ने अदालत को बताया " ईएमआई सिर्फ़ एलबम पर रॉयल्टी देता है, ना कि ऑनलाइन के माध्यम से हुई बिक्री पर." रार्बट होवे ने अदालत से कहा कि बैंड सदस्य जानना चाहते कि इस क़रार पर उनकी स्थिति क्या है. साथ ही उन्होंने इस तरह के क़रार को व्यापारिक रुप से अव्यवाहरिक बताया.

पॉप म्यूज़िक में पिंक फ़्लॉयड की 'ब्लैक कैटेलॉग', 'द बीटल्स' के बाद सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली एलबम.

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