क्या सही क्या ग़लत?

फ़िल्म का एक दृश्य

हर इंसान की ज़िंदगी में ऐसी घड़ी आती है जब सही और ग़लत का फैसला करना मुश्किल होता है. इसी विषय पर आधारित है फ़िल्म 'राइट या रॉन्ग'.

सनी देओल, कोंकणा सेन शर्मा, इरफ़ान ख़ान और ईशा कोपिकर इस अभिनीत फ़िल्म का हिस्सा हैं.

इस फ़िल्म का निर्देशन नीरज पाठक ने किया है और सुभाष घई इसके निर्माताओं में से एक हैं.

बीबीसी के साथ एक ख़ास बातचीत में सनी देओल ने बताया कि ये फ़िल्म आम ज़िन्दगी की समस्याओं के बारे में है.

सनी ने कहा, "एक परिवार में हर सदस्य के लिए एक चीज़ सही हो सकती है तो दूसरे के लिए ग़लत. तो इस फ़िल्म में भी कुछ ऐसा ही दिखाया गया है जहां मैं एक पुलिस अफसर का किरदार निभा रहा हूँ और मुसीबतों में इस कदर उलझ जाता हूं की एक वक़्त आता है जब मैं अपनी ही पत्नी को मुझे मारने के लिए कहता हूँ. वो क्षण मेरी पत्नी को दुविधा में डाल देता है कि क्या सही है और क्या ग़लत."

इस फ़िल्म में सनी देओल की पत्नी का किरदार ईशा कोपिकर निभा रही हैं. ईशा का मानना है कि सनी देओल ने अपने कैरियर में अब तक इस तरह का किरदार नहीं निभाया है.

उन्होंने कहा, "सनी ज़्यादातर ऐक्शन फ़िल्मों में दिखाई देते हैं लेकिन उनके इस किरदार में बहुत ही ठहराव है. इस फ़िल्म में वो ज़्यादा मारधाड़ करते हुए नज़र नहीं आएँगे और मुझे लगता है कि अपने करियर में उन्होंने ऐसा किरदार नहीं निभाया है."

वकील कोंकणा

कोंकणा सेन शर्मा पहली बार एक वकील का किरदार निभा रही हैं.

उन्होंने बताया, "इस थ्रिलर फ़िल्म में असली लड़ाई सनी देओल और इरफ़ान ख़ान के बीच है और मैं इरफ़ान की बहन का किरदार निभा रही हूँ. एक वकील और बहन होने के नाते मैं इनमें से किसी एक साथ देती हूँ."

कोंकणा कहती हैं उन्होंने ये फ़िल्म इसलिए की क्योंकि वो एक थ्रिलर फ़िल्म करना चाहती थीं.

उन्होंने कहा, "मैंने ‘डेडलाइन’ नाम की एक थ्रिलर फ़िल्म की थी जो कुछ ख़ास कमाल नहीं दिखा पाई. तब से ही मैं थ्रिलर करना चाहती थी और मैंने सोचा क्यों न ये फ़िल्म की जाए."

ये फ़िल्म देश भर में 12 मार्च को रिलीज़ हो रही है.

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