भारतीय फ़िल्में व्यापार बढ़ाएं :शाहरुख़

शाहरुख़ ख़ान
Image caption शाहरुख़ ख़ान को फ़िक्की फ़्रेम्स 2010 में ग्लोबल ऐंटरटेनर ऑफ़ द ईयर अवॉर्ड मिला

शाहरुख़ ख़ान की फ़िल्म माई नेम इज़ ख़ान इन दिनों देश-विदेश में सफलता के रिकॉर्ड बना रही है. और शाहरुख़ मानते हैं कि अब भारतीय फ़िल्मों को भारत की सीमाओं से बाहर निकलना चाहिए.

ये बात शाहरुख़ ने हाल ही में हुए फ़िक्की फ़्रेम्स 2010 के समापन समारोह के दौरान कही. शाहरुख़ का कहना था, “समय आ गया है कि दुनिया की सबसे बड़ी फ़िल्म इंडस्ट्री अब भारत के बाहर अपना व्यापार बढ़ाए और अगर हम अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ संबंध बना सकें ताकि भारतीय फ़िल्में भारत के बाहर जाएं तो ये अच्छी बात होगी.”

इसी समारोह में शाहरुख़ ख़ान को नवाज़ा गया ‘ग्लोबल ऐंटरटेनर ऑफ़ द ईयर’ अवार्ड से. चाहे वो फ़िल्में हों, टेलीविज़न और क्रिकेट की दुनिया, शाहरुख़ को मनोरंजन की दुनिया में उनके प्रभाव के लिए ये सम्मान मिला.

ये अवॉर्ड मिलने पर ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए शाहरुख़ ख़ान ने कहा, “कोई भी अवॉर्ड मिलता है तो अच्छा लगता है, ये आपके काम की पहचान होती है. मुझे ख़ुशी है कि आज भी अपने काम के लिए मुझमें पहले जैसा उत्साह और प्यार है. मैं सबको मेहनत करने की ही सलाह दूंगा. आपको ख़ुद पर यकीन होना चाहिए.”

Image caption फ़िक्की फ़्रेम्स 2010 में अमिताभ बच्चन को फ़िल्म पा के लिए बैस्ट मेल ऐक्टर अवॉर्ड मिला.

अमिताभ बच्चन भी मानते हैं कि जितनी भारतीय फ़िल्में बाहर जाएंगी, इंडस्ट्री के लिए उतना ही अच्छा है.

फ़िक्की फ़्रेम्स 2010 में अमिताभ बच्चन को फ़िल्म पा में अभिनय के लिए बेस्ट मेल ऐक्टर अवॉर्ड मिला.

भारतीय संगीत को भारत के बाहर भी लोकप्रिय बनाने में उनके योगदान के लिए संगीतकार ऐ आर रहमान को नवाज़ा गया ग्लोबल आइकॉन ऑफ़ द ईयर अवॉर्ड से. इस मौके पर रहमान ने कहा, “मेरा काम ही हमेशा मेरी प्राथमिकता होता है लेकिन जब भी मेरे पास समय होता है, मैं अवॉर्ड लेने के लिए जाता हूं.”

पिछले साल कुछ सफल फ़िल्में देने के लिए और वेक अप सिड, रॉकेट सिंह-सेल्समैन ऑफ़ द ईयर, और अजब प्रेम की ग़ज़ब कहानी जैसी फ़िल्मों में अलग-अलग तरह के किरदार निभा कर लोंगों के दिलों में जगह बनाने के लिए रणबीर कपूर बने फ़िक्की फ़्रेम्स ऐंटरटेनर ऑफ़ द ईयर.

रणबीर भी कहते हैं, “2009 मेरे लिए एक बड़ा साल था. इसलिए नहीं क्योंकि मेरी फ़िल्में सफल रहीं बल्कि इसलिए क्योंकि मैंने अच्छे निर्देशक, सहकलाकार और तकनीशियनों के साथ काम किया और मैं सबका शुक्रिया करना चाहूंगा.”

फ़िल्म पा के लिए ही बेस्ट फ़ीमेल ऐक्टर का अवॉर्ड पाने वाली विद्या बालन ने ख़ुशी जताते हुए कहा, “ये ऐंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का अवॉर्ड है और फ़िक्की ने मेरे काम को मान्यता दी है इसलिए ये बहुत ख़ास है.”

फ़िल्म थ्री ईडियट्स को 2009 की सबसे सफल फ़िल्म और इसके निर्देशक राजू हिरानी को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का अवॉर्ड मिला.

संगीत, रेडियो, टेलिविज़न और सिनेमा में बढ़िया प्रर्दशन के लिए फ़िक्की फ़्रेम्स ऐक्सिलैंस अवॉर्ड्स दिए गए.

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