राहुल बोस की 'द जैपनीज़ वाइफ़'

राहुल बोस
Image caption राहुल बोस अपर्णा सेन के साथ 'मिस्टर ऐंड मिसेज़ अय्यर' भी कर चुके हैं

प्रसिद्ध निर्देशिका अपर्णा सेन की फ़िल्म ‘ द जैपनीज़ वाइफ़’ में अपने किरदार को अभिनेता राहुल बोस काफ़ी चुनौतीपूर्ण मानते हैं. राहुल बोस कहते हैं कि जब अपर्णा सेन ने उन्हें ये रोल देने की पेशकश की तो उन्हें लगा था कि वो ये रोल नहीं निभा पाएंगे.

बोस कहते हैं, “मैं समझता हूं कि सबसे डरावना रोल वो होता है जिसके बारे में आपको पहले से ही पता चल जाता है कि उसे आप नहीं निभा पाएंगे. जब अपर्णा सेन ने मुझे रोल दिया तब मुझे ऐसा ही महसूस हो रहा था.”

बोस कहते हैं कि उन्हें चुनौतियां हमेशा पसंद हैं और उनके जीवन में जब भी ऐसी चुनौती आई है उन्होंने उसका डटकर मुक़ाबला किया है. मात्र पांच फ़ुट छह इंच की लंबाई वाले राहुल बोस भारत की राष्ट्रीय रग्बी टीम में खेल चुके हैं और वो चुनौतियों को अवसर में बदलता जानते हैं.

राहुल बोस कहते हैं, “लेकिन जब भी मेरी ज़िंदगी में ऐसा मौक़ा आता है कि जब मुझे लगता है कि ये काम मैं नहीं कर पाऊंगा तो मैं उस काम को करने के लिए काफ़ी मेहनत करता हूं. मैंने इस रोल के लिए बहुत कड़ी मेहनत की.”

अपर्णा सेन की इस फ़िल्म में राहुल बोस के अलावा राइमा सेन, मौसमी चटर्जी और जापानी अभिनेत्री चिगुसा तकाकु भी नज़र आएंगी.

कहानी

‘द जैपनीज़ वाइफ़’ तीन शर्मीले लोगों की कहानी है. ग्रामीण बंगाल में गणित के अध्यापक स्नेहमय चटर्जी, पत्रों के अजीबोग़रीब माध्यम से उनकी पत्नी बनी जापानी लड़की मियागे और हालात की मारी विधवा संध्या जो चटर्जी के घर में पनाह लेने के लिए मजबूर है.

फ़िल्म की कहानी के बारे में राहुल बोस कहते हैं, “ये एक संदुर प्रेम कहानी है. मैं इसे अपनी एक अन्य फ़िल्म ‘मिस्टर ऐंड मिसेज़ अय्यर’ से भी बढ़िया लव स्टोरी कहूंगा.”

इस फ़िल्म की पत्रों के ज़रिए जापानी लड़की और भारतीय लड़के के बीच प्रेम का सिलसिला शुरु होता.

इंटरनेट और ई-मेल से पहले पेनपाल यानि पत्रों के ज़रिए दोस्ती आम बात थी.

राहुल बोस बताते हैं कि उस दौर में वो भी अमरीका में अपनी एक दोस्त ख़ूब चिट्ठियां लिखा करते थे.

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