रामू की दूसरी 'फूंक'

  • 12 अप्रैल 2010
Image caption ये फ़िल्म काले जादू और एक प्रेतात्मा पर आधारित है

'रात', 'भूत', 'वास्तुशास्त्र' और 'फूंक' जैसी डरावनी फ़िल्में बनाने के बाद फ़िल्मकार राम गोपाल वर्मा अब लेकर आ रहे हैं 'फूंक 2'.

फ़िल्म काले जादू और एक प्रेतात्मा पर आधारित है. फ़िल्म में मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं सुदीप, अमृता खानविलकर और एहसास चानना ने.

'फूंक' की कहानी वहां ख़त्म हुई थी जहां एक काला जादू करने वाली औरत को मार डाला जाता है क्योंकि वो एक छोटी बच्ची पर काला जादू कर देती है.

'फूंक 2' में इसी औरत की आत्मा वापस लौटती है और उसी परिवार को सताने लगती है जिसने उसे मरवाया था.

फ़िल्म के निर्माता रामगोपाल वर्मा का कहना है कि इस फ़िल्म को सिनेमा हॉल में अकेले बैठकर देखने वाले व्यक्ति को वो इनाम देंगे.

रामगोपाल वर्मा के मुताबिक़, "फ़िल्म डरावनी तब बनती है जब आप लोगों के दिमाग़ में डर पैदा करें. डर देखने से कम और सोचने से ज़्यादा लगता है."

उनका कहना था,''फूंक में केवल काला जादू दिखाया गया था लेकिन 'फूंक 2' में काला जादू करने वाली भूत बनकर लौटती है.''

राम गोपाल वर्मा के मुताबिक़ डरावनी फ़िल्में बनाने के लिए अच्छी तकनीक की जानकारी होनी बहुत ज़रूरी है.

वो कहते हैं,"बाक़ि फ़िल्में सिर्फ़ अभिनेताओं के हुनर से चल सकती हैं लेकिन डरावनी फ़िल्मों में सिर्फ़ अभिनय से काम नहीं चलाया जा सकता."

फ़िल्म का निर्देशन किया है मिलिंद गडागकर ने जिन्होंने रामगोपाल वर्मा की 'फूंक' लिखने में मदद भी की थी.

मिलिंद कहते हैं, "फूंक 2 के सभी कलाकारों ने बेहतरीन अभिनय किया है. ऊपर से कैमरा और ध्वनि को भी बहुत बेहतरीन तरीक़े से इस्तेमाल किया गया है."

वो कहते हैं,"लोगों को डरने में भी एक अलग ही मज़ा आता है. इस फ़िल्म के ज़रिए लोगों को एक अलग तरह का रोमांच मिलेगा."

फ़िल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे सुदीप कहते हैं, "रामगोपाल वर्मा जैसे फ़िल्मकार के साथ काम करना हर किसी को नसीब नहीं होता. मुझे बहुत ख़ुशी है कि दक्षिण की फ़िल्में करने के बाद मुझे हिंदी फ़िल्म में काम करने का भी मौक़ा मिला.''

ये फ़िल्म 16 अप्रैल को रिलीज़ हो रही है.

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