मिस इंडिया से खुलेंगे बॉलीवुड के दरवाज़े

मधुर भंडारकर
Image caption भंडारकर को इस प्रयोग से काफी आशा है.

मिस इंडिया का ताज जीतने वाली लड़कियां अक़्सर हिंदी फ़िल्मों में आती रही हैं लेकिन इसके लिए उन्हें थोड़ा-बहुत इंतज़ार तो करना ही पड़ता है.

इस बार मिस इंडिया की 18 आख़िरी प्रतियोगियों में से दो को देश के दो बड़े फ़िल्म निर्देशकों के साथ काम करने का मौक़ा मिलने वाला है. इससे पहले तो ताज जीतने वाली लड़की पर ही सबकी निगाहें रहतीं थीं लेकिन इस बार अंतिम 18 में पहुंचने वाली हर लड़की के पास बॉलीवुड में अपना सपना पूरा करने का मौक़ा मिलेगा.

मधुर भंडारकर और विपुल शाह 18 प्रतियोगियों में से दो को अपनी आने वाली फ़िल्मों में ले सकते हैं.

मधुर भंडारकर ने मुंबई में इन प्रतियोगियों के ऑडीशन के बाद कहा है कि वो अपनी फ़िल्म में किसे लेगें इसका फ़ैसला बाद में होगा. भंडारकर ने कहा, “मैं अपनी फ़िल्मों में ऐक्टर से ज़्यादा किरदार को अहमियत देता हूं. जब मेरी आने वाली फ़िल्म का किरदार तैयार होगा, तब मैं फ़ैसला करुंगा कि इनमें से किसे अपनी फ़िल्म में लेना है.”

अभिनय

ऑडीशन में प्रतिभागियों के प्रदर्शन पर भंडारकर ने कहा, “जिस तरह से ये लड़कियों अभिनय कर रही हैं उससे लगता है कि छह-सात प्रतियोगी हैं जिनमें काफ़ी टैलेंट है. उम्मीद है ये लोग फ़िल्म उद्योग में अच्छा काम करेंगी.”

नमस्ते लंदन और लंदन ड्रीम्स जैसी फ़िल्म बनाने वाले निर्देशक विपुल शाह भी मिस इंडिया के आख़री 18 प्रतियोगियों में से एक को चुनकर अपनी फ़िल्म मौक़ा देंगे.

ये पूछे जाने पर कि ऑडीशन के दौरान वो इन लड़कियों में क्या ख़ूबियां देखना चाह रहे थे, विपुल शाह कहते हैं, “आपको किस कलाकार में क्या क्वालिटी दिख जाती है ये कहना मुश्किल है. मुझे एक कलाकार में कुछ दिखेगा, मधुर को किसी दूसरे में. हर निर्देशक की पसंद अलग होती है और उस पसंद के कारण भी अलग ही होते हैं.”

विपुल शाह कहते हैं कि पिछले कुछ सालों में मिस इंडिया विजेता बनने के बाद अभिनय में आईं लड़कियां इतनी कामयाब नहीं रही हैं. लेकिन वो ये भी मानते हैं कि मिस इंडिया में शोहरत हासिल करने के बाद लड़कियों को सिनेमा में प्रवेश करने में सहायता मिलती है.

संबंधित समाचार