विद्या को तेजस्विनी सम्मान

फ़िक्की समारोह में विद्या बालन
Image caption विद्या बालन को मनोरंजन के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मान मिला

विद्या बालन का कहना है कि वह जो भी करती हैं वह गर्व से करती हैं और जो भी काम करती हैं उसके लिए पूरी ज़िम्मेदारी लेती हैं.

हाल ही में विद्या बालन को उद्योग और वाणिज्य संगठन फ़िक्की ने सम्मानित किया.

ये सम्मान विद्या को 2009-2010 में मनोरंजन के क्षेत्र में बढ़िया काम करने के लिए दिया गया.

विद्या के अलावा कई और महिलाओं को 'तेजस्विनी' नाम का ये सम्मान मिला. इनमें शामिल हैं सांसद प्रिया दत्त, फ़ैशन डिज़ाइनर मोनीशा जयसिंह और मीडिया से शैली चोपड़ा.

विद्या बालन ने इस मौक़े पर कहा, "पुरस्कार और सम्मान मिलने से मेरा प्रोत्साहन ही बढ़ता है".

उनका कहना था कि अकसर महिलाएं अपनी उपलब्धियों पर गर्व महसूस नहीं करतीं या उसके बारे में ज़्यादा बात नहीं करतीं. लेकिन अब समय के साथ महिलाओं में आत्मविश्वास जगा है और आज वो जो भी कर रही हैं उसकी चर्चा हो रही है.

विद्या बालन ने कहा, "मुझे सम्मान या अवॉर्ड पाना इसलिए अच्छा लगता है क्योंकि ये मेरे काम की प्रशंसा है. फ़िक्की का ये सम्मान तो मेरे लिए और भी अहम है क्योंकि मेरे अलावा कई अलग-अलग क्षेत्र की महिलाओं को ये सम्मान मिला है. इनमें से कई के सामने तो मुझे अपनी उपलब्धि कुछ भी नहीं लगती."

इसी समारोह में अवॉर्ड पाने वाली सांसद प्रिया दत्त ने कहा, "राजनीति एक ऐसा क्षेत्र है जहां आपके साथ अच्छा-बुरा होता रहता है. मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती ये रहती है कि मैं सब चीज़ों का डटकर सामना करूं और निराश न होऊं."

प्रिया दत्त ने कहा कि उनकी जैसी कई महिलाएं अपने परिवार और खानदान की वजह से भी जानी जाती हैं लेकिन उन महिलाओं को सम्मान देना भी बहुत ज़रूरी है जो किसी जाने-पहचाने परिवार से नहीं और सब कुछ अपने बूते कर रही हैं.

इस मौक़े पर प्रिया दत्त ने महिला आरक्षण बिल की बात भी की - जो कि हाल ही में राज्यासभा में पारित हुआ है.

वो कहती हैं,"मुझ जैसी महिलाओं को तो अपने माता-पिता और परिवार का बहुत सहारा मिलता है लेकिन इस देश में हमारे जैसी कितनी महिलाएं हैं जिन्हें ज़िंदगी में अच्छे मौक़े मिलते रहते हैं. ऐसे में महिला आरक्षण बिल बहुत अहमियत रखता है."

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