आकृति का अल्बम

आकृति कक्कड़

बॉलीवुड गायिका आकृति कक्कड़ अब अपने गानों का एक अल्बम लेकर आईं हैं. ‘आकृति’ नाम की अल्बम के सात में पांच गाने कक्कड़ ने ख़ुद कंपोज़ किए हैं. बाक़ी के दो गीतों में शंकर महादेवन की धुनें हैं.

आकृति कहती हैं कि अपने गानों को स्वयं कंपोज़ करने को लेकर शुरुआत में वो काफ़ी नर्वस थीं लेकिन शंकर महादेवन ने उनकी हिम्मत बढ़ाई.

इस अल्बम के गीत रानी मलिक, नीलेश मिश्रा और मनोज यादव ने लिखे हैं. आकृति ने बीबीसी को बताया कि ये उनके लिए अल्बम रिलीज़ करने का सही मौक़ा है.

उन्होंने कहा, "लोग मुझे फ़िल्मों में अलग-अलग किस्म के गाने गाते हुए सुन चुके हैं अब मुझे लगता है कि ये अपना अल्बम लाने का सही वक़्त है."

प्रभाव

आकृति ने बीबीसी को बताया कि इस अल्बम के सातों गाने एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं.

आकृति कहती हैं, "मेहरबां’ नाम का गाने पर सूफ़ी प्रभाव है, दूसरी तरफ़ एक पंजाबी लोकगीत भी है. इस तरह से आप इस अल्बम को किसी एक संगीत विधा की श्रेणी में नहीं रख सकते."

‘दिल वी दिवाना तेरा’ नाम का गीत महान गायिका नूरजहां को आकृति कक्कड़ की श्रद्धांजलि है. ये एक पंजाबी लोक-गीत है जिसे नूरजहां से प्रसिद्धि दिलाई थी. आकृति बचपन से ही नूरजहां की बड़ी फ़ैन हैं क्योंकि उनके घर में अक्सर नूरजहां के गीत सुने जाते थे.

अकृति ने बॉलीवुड में अपना करियर ‘दस’ फ़िल्म के गीत ‘छम से वो आ जाए’ से शुरु किया था. इसके बाद उन्होंने नमस्ते लंदन, किस्मत कनेक्शन, गोलमाल रिटर्न्स और जॉनी गद्दार जैसी फ़िल्म में भी गाने गाए हैं.

संबंधित समाचार