कला के नाम पर कपड़े उतरवाए

सालफ़ोर्ड में ट्यूनिक की कलाकृति
Image caption सालफ़ोर्ड के पील पार्क में जीवंत हुई ट्यूनिक की कलाकृति

निर्वस्त्र लोगों को एक जगह जमा कर उनकी सामूहिक तस्वीर खींचने के लिए विवादों में रहने वाले प्रसिद्ध अमरीकी फ़ोटोग्राफ़र स्पेंसर ट्यूनिक ने पहली मई को एक बार फिर अपना कारनामा दोहराया.

इस बार उन्होंने इसके लिए चुना ब्रिटेन के दो शहरों मैनचेस्टर और उससे सटे सालफ़ोर्ड को. मौक़ा था सालफ़ोर्ड की लॉवरी कला दीर्घा की दसवीं सालगिरह का.

ट्यूनिक ने इन दो शहरों के कुल आठ लोकेशन को निर्वस्त्र लोगों के 'इन्सटॉलेशन' के लिए चुना है.

पूरा कार्यक्रम सप्ताहांत के दो दिनों में संपन्न हो रहा है.

पहली बार वे एक ही थीम पर अलग-अलग स्थानों पर अपनी कलाकृति तैयार कर रहे हैं.

प्रोजेक्ट के पहले दिन शनिवार को सालफ़ोर्ड के पील पार्क में सैंकड़ो लोग स्वेच्छा से कला के नाम पर निर्वस्त्र हुए.

कार्यकर्ताओं की भरमार

दो दिनों के कार्यक्रम में निर्वस्त्र भाग लेने के लिए क़रीब 1000 कार्यकर्ताओं ने हामी भरी है. इतनी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मिलने से ट्यूनिक गदगद थे.

मुझे इंग्लैंड के लोगों का भरोसा जीतने में दस साल लगे हैं. स्पेंसर ट्यूनिक

बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा, "मुझे इंग्लैंड के लोगों का भरोसा जीतने में दस साल लगे हैं."

मैनचेस्टर और सालफ़ोर्ड में ट्यूनिक ने कलाकार एलएस लॉवरी की कृतियों के अनुरूप आम लोगों की गतिविधियों को चित्रित करने का उद्देश्य घोषित कर रखा है.

ट्यूनिक के सालफ़ोर्ड इन्सटालेशन में भाग लेने वाली एक महिला बर्मिंघम की विक्टोरिया डेनिंग ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "इतने आकार-प्रकार के मानव शरीर का एक जगह जुटना कमाल की बात है. आप पत्रिकाओं में एक ख़ास किस्म का शरीर देखते हैं जबकि आमतौर पर उस तरह एक भी व्यक्ति नहीं दिखेगा."

मैनचेस्टर और सालफ़ोर्ड में खींची गई तस्वीरों की प्रदर्शनी बाद में लॉवरी कला दीर्घा में ही लगाई जाएगी.

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