कान में 'उड़ान'

फ़िल्म 'उड़ान' का एक दृश्य
Image caption फ़िल्म 'उड़ान' 15 साल के एक लड़के की कहानी है

फ्रांस में जारी कान फ़िल्म समारोह की एक श्रेणी में भारतीय फ़िल्म 'उड़ान' भी नामांकित की गई है.

इस फ़िल्म के निर्माता हैं अनुराग कश्यप और संजय सिंह. फ़िल्म का निर्देशन किया है विक्रमादित्य मोटवाने ने.

मोटवाने इससे पहले कश्यप की फ़िल्म 'देव डी' की स्क्रिप्ट के सह-लेखक रह चुके हैं. इसके अलावा वो संजय लीला भंसाली की 'हम दिल दे चुके सनम' और 'देवदास' के सह-निर्देशक भी रहे चुके हैं.

फ़िल्म की कहानी जमशेदपुर की पृष्ठभूमि पर बनी है.

फ़िल्म के निर्देशक विक्रमादित्य मोटवाने कहते हैं, "फ़िल्म की कहानी एक ऐसे 15 साल के लड़के के बारे में है जो कि आठ साल बाद अपना बोर्डिंग स्कूल छोड़कर वापस जमशेदपुर लौटता है."

वे कहते हैं, "फ़िल्म में उस लड़के का पिता, भाई और बाक़ि परिवारवालों से संबंध दिखाया गया है और ये भी दिखाया गया है कि वो अपनी ज़िंदगी में कितना बदलाव पाता है."

अनुराग कश्यप के बारे में मोटवाने कहते हैं, "मैं अनुराग को बहुत सालों से जानता हूँ. जब इस फ़िल्म के बारे में मैंने उन्हें बताया तो उन्होंने कहा कि इस फ़िल्म का निर्माण और कोई नहीं करेगा, मैं ही करूंगा."

उड़ान को जिस श्रेणी में नामांकित किया गया है उसका नाम है 'अन सर्टन रिगार्ड'.

मोटवाने ने बीबीसी को बताया कि ये श्रेणी आमतौर पर रचनात्मक और कुछ नया करने वाले फ़िल्मकारों के लिए बनाई गई है.

"ये फ़िल्म एक लड़के के बड़े होने की प्रकिया पर नज़र डालती है और वो कैसे अपनी आज़ादी के लिए जद्दोजहद करता है."

मोटवाने को अपनी इस फ़िल्म के लिए निर्माता ढ़ूंढने के लिए काफ़ी मेहनत करना पड़ी.

"तब आपको बहुत निराशा होती है जब निर्माता आपकी फ़िल्म में दिलचस्पी नहीं लेते. मन में शंका होने लगती है कि क्या ये फ़िल्म बुरी है, या मैंने अच्छा काम नहीं किया."

"जब अनुराग इस फ़िल्म से निर्माता के रूप में जुड़े तो मैं निश्चिंत हो गया क्योंकि वो भी एक निर्माता हैं और वो जानते हैं कि एक निर्देशक कैसे काम करता है."

'उड़ान' में मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं रजत बरेमचा, रजत कपूर, राम कपूर और अयान बरोडिया ने.

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