अब सिर्फ़ निर्देशन ही:महेश मांजरेकर

  • 21 मई 2010
'सिटी ऑफ़ गोल्ड' की कास्ट
Image caption निर्देशक-अभिनेता महेश मांजरेकर अब सिर्फ़ निर्देशन पर ही ध्यान देना चाहते है. हाल ही में उनके निर्देशन में बनी फ़िल्म सिटी ऑफ़ गोल्ड रीलीज़ हुई थी.

निर्देशक और अभिनेता महेश मांजरेकर अब सिर्फ़ निर्देशन पर ही ध्यान देना चाहते हैं.

हाल ही में महेश मांजरेकर से बीबीसी संवाददाता दुर्गेश उपाध्याय ने बात की.

महेश मांजरेकर ने ‘कांटे’, ‘मुसाफ़िर’, ‘दस कहानियां’, ‘तीन पत्ती’ और ‘वान्टेड’ जैसी कई फ़िल्मों में अभिनय भी किया है.

‘वान्टेड’ के बाद अब महेश मांजरेकर और सलमान ख़ान एक साथ फ़िल्म ‘दबंग’ में दिखेंगें जो बतौर अभिनेता उनकी आखिरी फ़िल्म होगी.

इस बारे में महेश कहते हैं, “फ़िलहाल तो ये मेरी आखिरी फ़िल्म होगी. अब अभिनय और निर्देशन दोंनो एक साथ नहीं हो पाता. डेट्स और शेड्यूल में दिक्कतें आती हैं. बेहतर है कि मैं एक ही काम करूं और इसलिए अब सिर्फ़ निर्देशन पर ही फ़ोकस करूंगा.”

महेश आगे कहते हैं, “मुझे सिर्फ़ यथार्थवादी सिनेमा बनाना है. नाच-गाने वाली फ़िल्में बनाने के लिए और भी लोग हैं. मैं सोचता हूं कि मैं ऐसी फ़िल्म बनाऊं जिसे बनाना मेरे लिए सहज हो.”

'दबंग' में अपने सह-अभिनेता सलमान ख़ान के बारे में महेश कहते हैं, “सलमान बहुत अच्छे एक्टर और इंसान हैं. वो दूसरे ऐक्टर को हमेशा अच्छा करने के लिए बढ़ावा देते हैं. इसलिए बतौर ऐक्टर आप में असुरक्षा की भावना नहीं रहती. उनके साथ काम करने में मज़ा आता है. मैंने दंबग सिर्फ़ सलमान के लिए की है नहीं तो मैं ये फ़िल्म नहीं करता.”

महेश मांजरेकर की बतौर निर्देशक आखिरी फ़िल्म ‘सिटी ऑफ़ गोल्ड’ को रीलीज़ हुए अभी लगभग एक महीना ही हुआ है. अब उनकी इच्छा इस फ़िल्म का सीक्वेल बनाने की है.

‘सिटी ऑफ़ गोल्ड’ अस्सी के दशक में मुम्बई में मिलों के बंद होने और मज़दूरों की हड़ताल पर आधारित थी. इसके सीक्वेल के बारे में महेश कहते हैं, “सिटी ऑफ़ गोल्ड तथ्यों पर आधारित फ़िल्म है. वो मिल मजदूर आज कहां हैं, हड़ताल होने के बाद उनका क्या हुआ, ऐसी बहुत सी बातें मुझे परेशान कर रही थीं. इसलिए मैंने सोचा कि इस फ़िल्म का सीक्वेल होना चाहिए.”

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