मैं महात्मा गांधी का आलोचक था: कमल हासन

कमल हासन
Image caption दिल्ली में कमल हासन की फ़िल्मों का महोत्सव मनाया गया.

अभिनेता कमल हासन ने जब फ़िल्म 'हे राम' बनाई थी, तो वो काफ़ी चर्चा में रही. फ़िल्म में उनका किरदार महात्मा गांधी के विचारों से सहमत नहीं होता.

कमल हासन कहते हैं "मैं भी पहले महात्मा गांधी का आलोचक था. लेकिन बाद में मैंने पाया कि मैं ग़लत हूं इसलिए मैंने 'हे राम' बनाई. ये मेरा तरीका था उस महान व्यक्ति से माफ़ी मांगने का."

उन्होंने ये बातें दिल्ली में आयोजित एक फ़िल्म महोत्सव के दौरान कहीं. इस महोत्सव में कमल हासन की 'तेवर मगन', 'हे राम', 'अन्बे सिवम' और 'दसावतारम' जैसी फ़िल्में दिखाई गईं.

कमल हासन की कई फ़िल्में ऐसी हैं जिनमें उन्होंने एक से ज़्यादा किरदार निभाए हैं.

इस पर कमल हासन कहते हैं "शायद मैं भी आप लोगों की तरह अपना एक ही चेहरे देख-देखकर बोर हो जाता हूं. इसलिए मैं अपनी फ़िल्मों में एक से ज़्यादा किरदार निभाता हूं."

पुरस्कार

अपने फ़िल्मी करियर में ढेरों पुरस्कार जीत चुके कमल के मुताबिक पुरस्कार से आत्मविश्वास बढ़ता है. लेकिन बेहतर ये है कि आप ये सब भूलकर आगे काम करते रहो.

कमल हासन जब सिर्फ़ पाँच साल के थे, तब उन्हें बेहतरीन अभिनय के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार मिला था. उस वक़्त भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉक्टर राधाकृष्णन ने अपने हाथों से उन्हें पुरस्कार दिया .

कमल हसन अपनी कामयाबी का सारा श्रेय टीके षण्मुगम और के बालचंदर जैसे लोगों को देते हैं जिन्हें वो अपना गुरु भी मानते हैं.

वो कहते हैं "आज मैं जो कुछ भी हूं, अपने गुरुओं की वजह से ही हूं. मैं मानता हूं कि मुझमें टैलेंट है. मैंने कड़ी मेहनत भी की है, लेकिन मुझे रास्ता दिखाया मेरे गुरुओं ने."

कमल हासन की आने वाली फ़िल्म में उनके अलावा माधवन की मुख्य भूमिका है. इसमें अभिनय करने के अलावा वो फ़िल्म की कहानी भी लिख रहे हैं.

कमल हासन की कई फ़िल्मों का निर्देशन कर चुके रवि कुमार इसके निर्देशन की ज़िम्मेदारी संभाल रहे हैं.

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