'अचानक ज़हन में गूंजती है बेहतरीन धुन'

  • 25 जुलाई 2010

संगीत की दुनिया के अमर, अकबर और एंथनी यानी शंकर महादेवन, एहसान और लॉय संगीत के सात सुरों की तीन आत्माएं और एक मधुर लय हैं.

इन तीनों ने बहुत सी हिट फ़िल्मों के लिए यादगार गीत दिए हैं. अमरीका के संगीत प्रेमी इस संगीत तिकड़ी के धुनों पर थिरकने को बेताब हैं. इस क्रम में शंकर महादेवन से बात करने का मौका मिला. प्रस्तुत हैं बातचीत के मुख्य अंश आपने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और ओरेकल में भी काम किया. फिर संगीत और इंजीनियरिंग -ये संगम कैसे हुआ ?

मै ये नहीं मानता कि आप दो चीज़ें एक साथ नहीं कर सकते हैं. बस आपके मन में काम करने की इच्छा होनी चाहिए. मेरे मन में ऐसी इच्छा थी. मैं पढ़ाई और संगीत दोनों को साथ ले कर चला. मैंने हमेशा ही पढ़ाई को महत्वपूर्ण माना है. एक पढ़े लिखे व्यक्ति और बिना पढ़े लिखे व्यक्ति में फ़र्क़ होता है.

आपने संगीत को व्यावसायिक रूप में कब अपनाया?

मै कॉलेज में गाता था. जिंगल्स में भी गाता था. लोग सुनते थे पर एक दिन मैंने अपने दिल की आवाज़ सुनीं और सोचा कि शायद मैं इसी के लिए बना हूं और संगीत मेरे जीवन के हिस्सा बन गया. आप एक गायक है, संगीत निर्देशक है और कम्पोज़र भी है. इनमें से आपको क्या ज़्यादा पसंद है ?

ये तो संगीत के अलग-अलग रूप हैं. बहुत मुश्किल है ये कहना कि कौन सा स्वरूप पसंद है. गायन एक माध्यम है अपनी आवाज़ लोगों तक पहुंचाने का. कम्पोज़र एक मां की तरह है, जहां आप गाना बनाते हैं. जब आप स्टेज पर होते हैं तो लोगों का बहुत प्यार मिलता .है तो मैं इनमे से कोई भी चीज़ नहीं छोड़ना चाहूंगा, सभी मुझे बहुत प्यारे हैं.

आप अपने कम्पोज़ किए हुए सारे गाने स्वयं नहीं गाते, ऐसा क्यों ?

गानों को मै एक संगीत निर्देशक की दृष्टि से देखता हूं और सोचता हूं कि किसकी आवाज़ इस गाने के लिए उपयुक्त रहेगी फिर उसी से गाना रिकॉर्ड करवाता हूं. मेरा मन तो करता है कि सभी गाने मै गा लूं पर हर गाना मेरे आवाज में अच्छा लगे ये जरुरी तो नहीं.

ऐसा आपने ही कहा है कि आपको संगीत की प्रेरणा अपनी पत्नी संगीता जी से मिली है, उनके लिए कोई विशेष संगीत आपने तैयार किया है?

जी, ये सच है. वैसे तो मेरे सारे गाने उनके लिए ही है लेकिन एक गाना जो उनके लिए मैं हमेशा गाता हूं, "अभी न जाओ छोड़ के, की दिल अभी भरा नहीं" आप के दो अल्बम आए "ब्रेथलेस "और "नाइन"दोनों की थीम बहुत अलग थी.

जी, सही कहा आपने. "नाइन" में नौ रसों का समावेश था. ये अल्बम ज्यादा चली नहीं. "ब्रेथलेस" सुपर हिट हो गई पर कुछ काम आत्मा की संतुष्टि के लिए किये जाते हैं. "नाइन" अल्बम हमने इसीलिए बनाया था. इसमें बहुत अलग से भावों पर गाने बने थे जैसे जलन और हिम्मत, जो कहीं और नहीं सुनाई देते. कहते हैं कि कविताएं या गीत कभी भी, कहीं भी मन में आ जाते हैं. क्या ऐसा आपके साथ भी होता है कि धुन कभी भी आप के मन में आ जाती है?

एकदम ऐसा ही होता है. गाड़ी में बैठे हो, ट्रैफिक में अटके हो या इमिग्रेशन की लाइन में खड़े हो, संगीत कभी भी कहीं भी मन में आ जाता है. जब आप पूरे बैंड बाजे के साथ बैठो और सोचो कि आज एक सुपर हिट गाना बनाऊंगा तब कोई भी विचार नहीं आता है. सच तो यही है की आप अनुमान नहीं लगा सकते कि कब अच्छी धुन आप के ज़हन में गूंजने लगेगी. आपके लिए अहसान और लॉय क्या है ? भाई, दोस्त या मात्र काम का रिश्ता है?

ये दोनों मेरे भाई जैसे हैं, संगीत का हिस्सा है, और बहुत अच्छे इन्सान है. हम लोग 10-12 साल से साथ काम कर रहे हैं और ये पूरी यात्रा बहुत सुखद रही है.

आप अभी एहसान और लॉय के साथ अमेरिका को अपने रंग में रंगने को तैयार हैं तो क्या जो सोचा है वही गायेंगे या फिर सुनने वालों को देख कर आप अपने गानों की लिस्ट में कुछ परिवर्तन भी करेंगे?

हम लोग बहुत तैयारी के साथ आते हैं. क्योंकि हम बहुत बड़े पैमाने पर कॉन्सर्ट्स कर रहे हैं. हम सारे सुपरहिट गाने ही गाते हैं पर कहीं-कहीं यदि किसी खास गाने की बहुत फरमाइश आ जाती है तो हम अपने निश्चित कार्यक्रम में थोड़ा बदलाव ज़रूर करते हैं और करेंगे.

संबंधित समाचार