बॉलीवुड में विदेशी अभिनेत्रियों की बयार

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Image caption शाहरुख़ ख़ान के साथ फिल्में करना चाहती हैं एमा

बॉलीवुड में विदेशी अभिनेत्रियों का चलन बढ़ रहा है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दर्शकों को लुभाने के लिए इन अभिनेत्रियों के लिए ख़ास किरदार गढ़े जा रहे हैं.

ऐसे में आस्ट्रेलियाई अभिनेत्री एमा ब्राउन गैरेट ने भी मिथुन चक्रवर्ती के साथ बांग्ला फिल्म ‘शुकनो लंका’ से अपना फ़िल्मी सफ़र शुरू किया है.

एमा लीक से हट कर फिल्में करना चाहती हैं. अपनी मेहनत के बूते पर वो बॉलीवुड में अपनी ख़ास पहचान बनाना चाहती हैं.

अभिषेक बच्चन के साथ ‘दम मारो दम’ के अलावा वो जल्दी ही धर्मेंद्र और सनी देओल के साथ ‘यमला पगला दीवाना’ में भी दिखेंगी. अपने व्यवसायी पति के साथ दो साल से भारत में रह रही एमा को भारत से ख़ासा लगाव हो गया है.

पेश है 'शुकनो लंका' के प्रीमियर के मौक़े पर एमा से हुई ख़ास बातचीत के अंश-

आप यहां आई थी बालीवुड में काम करने. लेकिन शुरूआत की बांग्ला फिल्म से. बांग्ला से हिंदी फिल्म उद्योग का सफ़र कैसा रहा?

यह एक दिलचस्प और रोमांचक अनुभव रहा. बांग्ला और हिंदी फिल्म उद्योग में काफ़ी अंतर है. लेकिन इन दोनों की तुलना नहीं की जा सकती.

हिंदी फिल्मों में विदेशी अभिनेत्रियों को मौका दिया जा रहा है. इस चलन को कैसा मानती हैं?

हिंदी फिल्मों की स्क्रिप्ट अब बदल रही है. अपनी फिल्मों को अंतरराष्ट्रीय लुक देने के लिए अब निर्देशक और लेखक विदेशी अभिनेत्रियों को तरजीह दे रहे हैं. हिंदी फिल्मों में ऐसी अभिनेत्रियां पत्नी और गर्लफ्रेंड के किरदार निभा रही हैं. इससे अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों में इन फिल्मों का आकर्षण बढ़ जाता है.

अपने करियर की शुरूआत में ही आपने मिथुन चक्रवर्ती और धमेंद्र जैसे अभिनेताओं के साथ काम किया है. उनके साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?

मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे शुरूआत में ही ऐसे अभिनेताओं के साथ काम करने का मौका मिला. इन दोनों के पास अनुभव का भंडार है. उनके साथ काम करने का अनुभव अनूठा रहा. सेट पर काम करते समय कभी महसूस ही नहीं हुआ कि दोनों इतने बड़े अभिनेता हैं.

यहां आने से पहले क्या आपने अभिनय का प्रशिक्षण लिया था?

भारत आने से पहले मैंने कुछ दिनों तक नृत्य सीखा था. लेकिन मैंने शुरू से ही मॉडलिंग या नृत्य की बजाय अभिनय को तरजीह दी है. मैं हिंदी भी सीख रही हूं. पूरी तरह शुद्ध हिंदी बोलना तो मुश्किल ही है. फिर भी कोशिश होगी कि बेहतर हिंदी बोल सकूं. इसके लिए मैं समय निकाल कर अधिक से अधिक हिंदी फिल्में देखती हूं. ‘यमला पगला दीवाना’ में मैंने हिंदी में डायलाग बोले हैं.

हॉलीवुड और बॉलीवुड में क्या अंतर है?

मुझे अकसर इस सवाल का सामना करना पड़ता है. लोग पूछते हैं कि मैंने हॉलीवुड की बजाय बॉलीवुड को क्यों चुना. मुझे बॉलीवुड पसंद है. हॉलीवुड और बॉलीवुड की कोई तुलना संभव नहीं है. दोनों की अपनी ख़ासियतें हैं.

आपने दम मारो दम में अभिषेक बच्चन के साथ काम किया है. क्या भारत आने के पहले आपने बच्चन का नाम सुना था?

भारत आने वाला हर व्यक्ति अमिताभ बच्चन को जानता है. मैं बच्चन की फिल्में देखती रही हूं. फिल्म उद्योग में उनका एक ख़ास मक़ाम है. अब तो अभिषेक से भी मेरे अच्छे संबंध हैं.

हिंदी फिल्मों में आपके पसंदीदा अभिनेता और अभिनेत्री कौन हैं? अगर मौका मिले तो सबसे पहले किस हीरो के साथ काम करना चाहेंगी?

अभिनेताओं में शाहरुख़ ख़ान. मैं उनको बेहद पसंद करती हूं और मौक़ा मिलते ही उनके साथ काम करना चाहती हूं. हीरोइनों में मुझे विपाशा बासु पसंद है.

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