कामयाबी का राज़ कड़ी मेहनत: आशा भोंसले

आसा भोसले
Image caption सीएनएन ने आशा भोसले को प्लेबैक गायिकी की महारानी कहा है

सीएनएन की ओर से जारी संगीत की दुनिया की नई सूची में बीटल्स, माइकल जैक्सन और रोलिंग स्टोन जैसी अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के साथ भारतीय गायिका आशा भोंसले का नाम भी शामिल है.

इसमें बीते 50 वर्षों की 20 सबसे बड़ी हस्तियां हैं. इस सूची में आशा भोंसले को बॉलीवुड का चमकता सितारा और प्लेबैक गायकी की महारानी कहा गया है.

अपने 77वें जन्मदिन के ठीक एक महीने पहले जारी इस सूची में अपना नाम होने से आशा खुश तो हैं. लेकिन वे इसे अपनी निजी नहीं, बल्कि पूरे देश की उपलब्धि मानती हैं. वे कहती हैं कि इससे भारत और भारतीय संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली है.

यह सूची जारी होने के मौके पर वे कोलकाता में ही थीं. इस मौके पर उनसे हुई बातचीत के प्रमुख अंशः

आपको सीएनएन की सूची में बीते 50 वर्षों के दौरान संगीत की दुनिया की 20 महान हस्तियों में शामिल किया गया है. क्या यह जन्मदिन का उपहार है?

कुछ ऐसा ही समझ लीजिए.

आप कैसा महसूस कर रही हैं?

मैं साठ साल से भी लंबे अरसे से काम कर रही हूं. मुझे शुरू से ही लगता था कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय संगीत और संगीतकारों को मान्यता मिलनी चाहिए. आज जो मान्यता मिली है वह मेरी निजी नहीं है. यह पूरी भारतीय संस्कृति की मान्यता है.

इतने लंबे सफ़र के बाद पीछे मुड़ कर देखना कैसा लगता है?

पीछे मुड़कर देखती हूं तो लगता है कि कभी कुछ भी नहीं था. मैं अकेली थी. मेरा कोई गॉडफ़ादर नहीं था. कोई मेरी मदद के लिए भी आगे नहीं आया. कितनी बार आडिशन देती थी. उस समय धार्मिक फिल्में ज़्यादा बनती थीं. इसलिए मुझे गाने के मौके ज़्यादा मिले.

गीतों के मामले में आपकी कोई पसंद या नापसंद?

मैंने बिना किसी भेदभाव के हर तरह के गीत गाए. मैं यह नहीं देखती थी कि नायिका के लिए गा रही हूं या खलनायिका के लिए. जो भी गीत मिलता गया, गाती रही. जीवन में बहुत उतार-चढ़ाव भी देखे.

संगीत की दुनिया में अपने लंबे सफ़र के दौरान आपको कई अवार्ड मिल चुके हैं. सबसे प्रिय अवार्ड कौन सा है?

सच कहूं तो मुझे ज़्यादातर अवार्ड काफी देर से मिले. अगर युवावस्था में मुझे पद्म विभूषण मिला होता तो शायद खुशी से नाच उठती. मेरा सबसे बड़ा अवार्ड तो जनता से मिलने वाला प्यार है.

आपकी कामयाबी की सबसे बड़ी वजह क्या है?

कड़ी मेहनत ही मेरी कामयाबी का अकेला राज़ है. युवा संगीतकारों और कलाकारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने पर ध्यान देना चाहिए. मैंने अंग्रेज़ी नहीं जानने के बावजूद कई विदेशी संगीतकारों के साथ काम किया है. मैंने रूस में रूसी गीत भी गाया है. यही वजह है कि अब मुझे मान्यता मिल रही है.

इन दिनों क्या कर रही हैं?

इन दिनों मैं संगीत के शो करने के अलावा रिकार्डिंग में व्यस्त हूं. हाल ही में मैंने संगीतकार और सितारवादक सुजात ख़ान, जो उस्ताद विलायत ख़ान के पुत्र हैं, के साथ एक एलबम रिकार्ड किया है.

यह एक अलग तरह का अनुभव था. मैंने इसमें उनके घराने के गीत गाए हैं. यह अगले महीने रिलीज़ होगा. इसके अलावा कई अन्य चीज़ें भी चल रही हैं.

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