रामगोपाल वर्मा की रक्त चरित्र

  • 17 अगस्त 2010
Image caption राम गोपाल वर्मा

राम गोपाल वर्मा की अगली फ़िल्म ‘रक्त चरित्र ‘ राजनैतिक पृष्ठभूमि पर आधारित है और माना जा रहा है कि राजनेता परितला रविन्द्र के जीवन पर आधारित है.

हिंदी फ़िल्म जगत की चकाचौंध ने आखिर लुभा लिया एक और तमिल अभिनेता को. तमिल फ़िल्म जगत के जाने माने अभिनेता सूर्या, रामगोपाल वर्मा की इस फ़िल्म के साथ बॉलीवुड में कदम रख रहे हैं.

हालाँकि सूर्या इस बात पर ज़ोर दे रहे है की उनके मन में बॉलीवुड में प्रवेश करने की ऐसी कोई लालसा नहीं थी , ये फ़िल्म उन्होंने रामू के कहने पर की है.

फिल्म में सूर्या के अलावा अभिनेता विवेक ओबेरॉय और शत्रुघ्न सिन्हा प्रमुख भूमिकाओं में दिखाई देंगे.

विवेक ओबेरॉय की बॉलीवुड में पहली फ़िल्म 'कम्पनी' रामगोपाल वर्मा द्वारा निर्देशित थी. अब विवेक रक्त चरित्र में रामू के साथ 8 साल बाद काम कर रहे हैं.

विवेक ओबेरॉय ने कहा कि पिछले 8 सालों में उन्होंने जो 22 फ़िल्में की हैं, रक्त चरित्र उनमें से सबसे मुश्किल फ़िल्म है . उन्होंने बताया कि उन्हें इस किरदार को समझने के लिए ख़ास मेहनत करनी पड़ी.

हॉरर के अलावा राजनीति पर आधारित फिल्में बनाने में रामू की विशेष रूचि पहले भी सरकार जैसी फिल्मों में दिखाई दे चुकी है.

सूर्या की पहली हिंदी फ़िल्म

तमिल अभिनेता सूर्या की रक्त चरित्र पहली हिंदी फ़िल्म है लेकिन सूर्या को हिंदी डायलॉग बोलने और समझने में उतनी दिक्कत नहीं आयी , और इसका श्रेय सूर्या रामगोपाल वर्मा के सह निर्देशक साहिल को देते हैं.

सूर्या ने बताया कि साहिल उन्हें रात में कैसेट में डायलॉग रिकॉर्ड कर के सुनने के लिए दे दिया करते थे.

सूर्या को विश्वास है कि हिंदी भाषा में उनका हाथ अब उतना तंग नहीं है और उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे वो और भी बढ़िया हिंदी बोलेंगे.

सूर्या ने कहा कि उनके लिए ये किरदार निभाना इसलिए भी आसान रहा क्योंकि वो बस वैसा वैसा करते चले गए जैसा राम गोपाल वर्मा उनसे चाहते थे.

सूर्या ने बताया कि वो सिर्फ अपने किरदार पर ध्यान देते हैं कि वो कैसा है . फिर ये ज़रूरी नहीं है कि उनका किरदार हीरो का ही हो. अगर कहानी में दम होता है और उन्हें अपना किरदार पसंद आता है तो वो उस फ़िल्म को कर लेते हैं.

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