फ़िलहाल 'दबंग’ से महरूम रहेंगे पाक दर्शक

  • 10 सितंबर 2010
Image caption पाकिस्तान में ईद के मौक़े पर नहीं रिलीज़ होगी 'दबंग'

त्यौहार के मौक़े पर फ़िल्मों को रिलीज़ करने की परंपरा रही है ताकि ज़्यादा दर्शकों को रिझाया जा सके. लेकिन पाकिस्तान में सलमान ख़ान के चाहने वाले इस ईद पर उनकी नई फ़िल्म दबंग का लुत्फ़ नहीं उठा पाएँगे.

दरअसल सरकारी तौर पर यह फ़ैसला किया गया है कि पाकिस्तान में इस ईद पर कोई भी हिन्दी फ़िल्म रिलीज़ नहीं की जाएगी.

यह फ़ैसला स्थानीय सिने उद्योग को नई ऊर्जा देने के इरादे से लिया गया है और वहाँ दबंग की रिलीज़ एक हफ़्ते के लिए टाल दी गई है. हालांकि पाकिस्तानी सिनेमा उद्योग से जुड़े कई लोग इस फ़ैसले से ख़ुश होने के बजाय चिंतित भी हैं.

दशकों से पाकिस्तानी सिनेमा जगत में सक्रिय फ़िल्म निर्माता और वितरक सज्जाद गुल ने बीबीसी से ख़ास बातचीत में कहा, "बिज़नेस के लिहाज़ से ये बहुत बड़ा झटका बन सकता है क्योंकि त्योहारों पर सिनेमा हॉल्स में ख़ासी भीड़ उमड़ती है. पिछले साल इसी समय वॉन्टेड आई थी और बहुत अच्छी चली थी."

ग़ौरतलब है कि पाकिस्तानी फ़िल्म उद्योग की हालत काफ़ी ख़स्ता है. ख़ासकर उर्दू में तो फ़िल्में ना के बराबर ही बनती हैं और यही कारण है कि सिने जगत इस फ़ैसले के बावजूद ना-उम्मीद है.

सज्जाद गुल कहते हैं, "इस तरह के फ़ैसले अगर 20-25 साल पहले आए होते तो शायद पाकिस्तानी फ़िल्म जगत में जान फ़ूंकी जा सकती थी लेकिन आज जब उद्योग की हालत ख़राब है तो इस तरह की बातें करना कहाँ कि समझदारी है. साथ ही दर्शकों को मनोरंजन से महरूम करना भी सही नहीं कहा सकता. "

सात साल में 250 हाल बंद

कुछ इसी तरह के ख़्यालात ज़ाहिर करते हुए कराची के निशात सिनेमा के मालिक़ नवाब हसन सिद्दीक़ी कहते हैं, "ये बहुत ही आश्चर्यजनक फ़ैसला है. जब हिन्दी फ़िल्में घर-घर पहुंच चुकी हैं तो सिनेमा को उससे महरूम करने का क्या मतलब है? इससे सिर्फ़ नुकसान ही होगा."

पाकिस्तान में 2001 से 2007 के दौरान तकरीबन 250 सिनेमा हॉल बंद हो चुके हैं और थोड़ी बहुत जान जो इस उद्योग में है वो भारतीय फ़िल्मों के बूते ही बची है.

नवाब हसन कहते हैं, "अगर एक भी अच्छी उर्दू फ़िल्म बनती है तो वो किसी भी विदेशी फ़िल्म का मुक़ाबला कर सकती है. अगर फ़िल्म उद्योग को बचाना है तो भारतीय औऱ पाकिस्तानी फ़िल्मों के बीच मुक़ाबले का माहौल पैदा किया जाना चाहिए. इससे कारोबार को नई दिशा मिलेगी. "

वहीं दबंग के निर्देशक अभिनव कश्यप ने बीबीसी से कहा कि यह पाकिस्तान का आंतरिक मामला है और इससे फ़िल्म के कलेक्शन पर थोड़ा असर तो ज़रूर होगा.

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