बीबीसी टेक वन

सलमान खान सोनाक्षी सिन्हा के साथ फ़िल्म दबंग में
Image caption सलमान की फ़िल्म दबंग बॉक्स ऑफिस पर अच्छा बिज़नस कर रही है

बीबीसी टेक वन में इस हफ्ते दीप्ति कार्की के साथ सुनिए फ़िल्मी दुनिया की तमाम हलचल.

इस हफ्ते डालेंगे एक नज़र दबंग की बॉक्स ऑफिस सफलता पर. कार्यक्रम में आप सुन सकते हैं बीबीसी टेक वन फ़िल्म समीक्षक नम्रता जोशी को जो बता रही हैं की जहाँ तक दबंग का सवाल है फ़िल्म ने अच्छी शुरुआत की है.

साथ ही नम्रता ये भी कहती हैं कि ये फ़िल्म मनोरंजन से भरपूर है. नम्रता की अगर माने तो दबंग को लेकर समीक्षकों की राय कोई मायने ही नहीं रखती. साथ ही इस हफ्ते आप सुन सकते हैं सलमान खान के चाहने वालों को जो बता रहे हैं की क्यूँ वो इतना पसंद करते हैं सलमान खान को.

कार्यक्रम में विज्ञापन की दुनिया से जुड़े प्रह्लाद कक्कड़ को भी आप सुन सकते हैं. प्रह्लाद कहते हैं कि अगर सलमान खान के चाहने वाले इतनी बड़ी तादात में हैं तो उसकी एक खास वजह है. और वो ये की सलमान समाज के हर तपके से जुड़ जाते हैं.

वो टपोरी भी बन सकते हैं और शालीन तरीके से भी पेश आ सकते हैं. साथ ही सलमान का दिल बहुत बड़ा है और वो जितना हो सके दूसरों की मदद करते हैं.

कार्यक्रम में बात हो रही है इस हफ्ते सिनेमाघरों में पहुच रही फ़िल्म ‘लाइफ एक्सप्रेस’ की. फ़िल्म में मुख्य भूमिका में हैं दिव्या दत्ता और रितुपर्णा सेनगुप्ता. फ़िल्म का निर्देशन किया है अनूप दस. ये अनूप की पहली फ़िल्म है.

सुनिए बीबीसी टेक वन

फ़िल्म की कहानी 'सरोगैसी' के इर्द गिर्द घुमती है. अनूप कहते हैं कि उन्होंने अपनी फ़िल्म के ज़रिये सन्देश देने की कोशिश तो की ही है लेकिन साथ में फ़िल्म को मनोरंजक भी बनाया है.

लेकिन बीबीसी टेक वन फ़िल्म समीक्षक नम्रता जोशी कहती हैं कि न तो फ़िल्म का प्रचार सही तरीके से किया गया है और न ही फ़िल्म की कहानी में कोई नयापन है. उनके मुताबिक़ बॉक्स ऑफिस पर इस फ़िल्म के सफल होने की संभावना न के बराबर ही है.

Image caption आमिर खान की फ़िल्म धोबी घाट टोरोंटो फ़िल्म महोत्सव में दिखाई गयी

टोरोंटो अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म समारोह

साथ ही शो में हैं आमिर खान जिनकी फ़िल्म ‘धोबी घाट’ टोरोंटो अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म समारोह में दिखाई गयी. इस फ़िल्म की कहानी लिखी है आमिर की पत्नी किरन राव ने. साथ ही फ़िल्म का निर्देशन भी किरन ने ही किया है.

आमिर कहते हैं की जब किरन ये कहानी लिख रही थी तो वो बहुत डरे हुए थे. आमिर कहते हैं कि उनकी डर की वजह ये थी की अगर उन्हें किरन की कहानी पसंद नहीं आई तो क्या होगा. वो किरन को कैसे मना करेंगे.

लेकिन जब उन्होंने फ़िल्म की कहानी सुनी तो वो दंग रह गए. उनकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा.

इस समारोह में अभिनेता ओम पूरी की फ़िल्म ‘वेस्ट इज़ वेस्ट’ को भी दिखाया गया. ओम पूरी ने बीबीसी को बताया की उनकी कला का अभी तक सही तरीके से इस्तेमाल नहीं हुआ है. साथ ही ओम कहते हैं कि आर्ट फ़िल्मों से उन्हें अपनी कला को निखारने का मौका मिला जबकि मसाला फ़िल्मों से उनकी रोज़ी रोटी चली.

Image caption राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कारों में अमिताभ बच्चन को पा में औरो का किरदार निभाने के लिए सर्वश्रेष्ट अभिनेता का पुरस्कार दिया जायेगा

राष्ट्रिय फ़िल्म पुरस्कार

इस सप्ताह साल 2009 के लिए राष्ट्रीय फ़िल्म पुरासकारों की घोषणा की गयी. अमिताभ बच्चन को फ़िल्म पा में उनके अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार दिया जायेगा.

वैसे आर बाल्की के निर्देशन में बनी इस फ़िल्म ने कुल चार पुरस्कार अपने नाम किये. और बाल्की ने अपनी ख़ुशी बाटी खास बीबीसी के साथ.

लेकिन बीबीसी टेक ओने फ़िल्म समीक्षक नम्रता जोशी कहती हैं की इन पुरासक्रों में पारदर्शिता की कमी है.

संबंधित समाचार