दो महिलाओं के बीच ममता का रिश्ता

  • 19 सितंबर 2010
फ़िल्म 'लाइफ़ एक्सप्रेस' का एक दृश्य
Image caption 'लाइफ़ एक्सप्रेस' में दिव्या दत्ता और रितुपर्णा सेनगुप्ता मुख्य भूमिकाओं में हैं

'सरोगेसी' यानि किसी और के बच्चे को अपनी कोख से जन्म देना पर बनाई गई नई फ़िल्म 'लाइफ़ एक्सप्रेस' दो महिलाओं के बीच एक अनोखे रिश्ते की कहानी है.

फ़िल्म के बारे में दिव्या दत्ता कहती हैं, "मैंने एक गांव की लड़की की भूमिका निभाई है जिसे एक शहरी महिला अपने साथ शहर उसकी 'सरोगेट' बनने के लिए ले जाती है. फिर दिखाया गया है कि कैसे दोनों में एक ख़ास रिश्ता बनता है और वो कैसे एक दूसरे की ज़िंदगी पर असर डालती हैं."

वे कहती हैं, "ये एक महिला-प्रधान फ़िल्म है और मेरा किरदार एक बहुत ही प्यारी गांव की लड़की का है जिसका दिल बहुत अच्छा है."

दिव्या दत्ता कहती हैं कि उन्हें ख़ुशी है कि वो मसाला फ़िल्मों के अलावा इस तरह का समानांतर सिनेमा करने में भी सहज हैं.

फ़िल्म में दूसरी महिला का किरदार रितुपर्णा सेनगुप्ता ने निभाया है. वो शहर की ऐसी औरत बनी हैं जिसके लिए उसका करियर बहुत महत्व रखता है. उसके और उसके पति के पास बच्चे पैदा करने का समय नहीं है. इसलिए वो दूसरी औरत को अपना बच्चा पैदा करने के लिए लाती है.

रितुपर्णा कहती हैं, "फ़िल्म दिखाती है कि ज़िंदगी किस तरह के अनोखे दौर से गुज़र सकती है. कहानी को बिलकुल अलग तरह का मोड़ दिया गया है."

उनका कहना है, "दर्शकों की पसंद भी धीरे-धीरे बदल रही है. इस तरह की संवेदनशील और परिपक्व फ़िल्में लोगों को पसंद आती हैं. लोग सिर्फ़ गाना-बजाना और हल्ला-गुल्ला नहीं देखना चाहते, वो ऐसी फ़िल्म भी देखना जाते हैं जो उनकी ज़िंदगी को छुए."

फ़िल्म का निर्देशन किया है अनूप दास ने, जिनकी ये पहली फ़िल्म है.

अनूप दास कहते हैं कि उन्होंने कोशिश की है कि अलग तरह की फ़िल्म होने के बावजूद उसको मसाला फ़िल्मों जैसा रूप दें.

अनूप कहते हैं, "फ़िल्म में एक संदेश होने के साथ-साथ मनोरंजन भी है. इस फ़िल्म बनाने की प्रेरणा मुझे गुजरात के शहर आणंद से मिली जहां बहुत सारी महिलाएं 'सरोगेसी' में शामिल हैं."

फ़िल्म के अन्य कलाकारों में शामिल हैं किरण जनजनानी और यशपाल शर्मा.

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