'गर्ल इन यलो बूट्स' छाई टोरंटो में

अनुराग कश्यप की फिल्म 'गर्ल इन यलो बूट्स'  के  वितरण का अधिकार एक अंतर्राष्ट्रीय फिल्म कंपनी ने खरीदा.
Image caption अनुराग कश्यप की फिल्म 'गर्ल इन यलो बूट्स' के वितरण का अधिकार एक अंतर्राष्ट्रीय फिल्म कंपनी ने खरीदा.

अनुराग कश्यप आजकल सातवें आसमान पर हैं. उनकी फिल्म 'गर्ल इन यलो बूट्स' को फ़िल्म फ़ेस्टिवल में दर्शकों की सराहना के साथ साथ ख़रीदार भी मिल गया है.

अनुराग इस फिल्म के निर्देशक और सह निर्माता हैं उन्होंने 'स्वाइप फिल्म्स' नामक कंपनी को फिल्म के अंतरराष्ट्रीय अधिकार बेच दिए हैं.

इससे पहले भी कई फ़िल्म फ़ेस्टिवल में अनुराग कश्यप की फिल्में दिखाई गई हैं लेकिन पहली बार उनकी फिल्म को अंतरराष्ट्रीय ख़रीदार मिला है.

'गर्ल इन यलो बूट्स' एक ऐसी लड़की की कहानी है, जिसके माता-पिता अलग-अलग देशों से हैं. वो अपने पिता की ख़ोज में भारत आती है. ये किरदार कल्कि कोएचलिन निभा रही हैं जो अनुराग के साथ इस फिल्म की सह लेखिका भी हैं.

फिल्म में नसीरुद्दीन शाह एक छोटा लेकिन अहम किरदार निभा रहे हैं. ये पहला मौका है जब वो अनुराग की फ़िल्म में नज़र आएंगे.

अनुराग ने कहा, " नसीर के साथ काम करना बहुत अच्छा अनुभव रहा. मैं चाहता हूं कि जल्द ही मैं एक बड़े प्रोजेक्ट पर नसीर के साथ काम करूँ."

इस फ़िल्म की कहानी का विचार अनुराग के दिमाग में कैसे आया, ये पूछने पर उन्होंने बताया, " मैंने अख़बार में एक जर्मन लड़की के बारे में पढ़ा, जो अपने पिता की तलाश कर रही थी. मैंने ये बात कल्कि को बताई और उन्हें इस पर कहानी लिखने को कहा जिससे एक लड़की का दृष्टिकोण कहानी में आ सके."

हर फ़िल्म के साथ उनसे दर्शकों की उम्मीदें बढ़ती जा रही हैं, क्या इससे अनुराग अपने ऊपर दबाव महसूस नहीं करते. इस पर अनुराग ने कहा, " मैं जब फिल्म बनाता हूँ तो लोगों की प्रतिक्रिया के बारे में नहीं सोचता, क्योंकि ये सोचने से मेरी एकाग्रता पर असर पड़ता है."

लेखक, निर्माता और निर्देशक तीनों ही भूमिकाएं निभा चुके अनुराग को निर्माता की भूमिका सबसे ज़्यादा पसंद है.

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