मैं इमेज की परवाह नहीं करता-आमिर ख़ान

आमिर ख़ान

अभिनेता आमिर ख़ान के बारे में आम राय ये है कि वो बहुत सोच समझ कर कोई भी काम करते हैं. काफ़ी सोच-विचार के बाद ही कुछ बोलते हैं.

लेकिन आमिर ख़ान कहते हैं "मैं अपनी छवि की बिलकुल परवाह नहीं करता. जो मेरे दिल में होता है वो मैं बोल देता हूं. किसी सवाल का जवाब देते वक़्त मैं ये नहीं सोचता कि मुझे इसका जवाब अपनी इमेज के हिसाब से देना चाहिए."

टोरंटो फ़िल्म फ़ेस्टिवल में आमिर ख़ान की फ़िल्म 'धोबी घाट' को ज़बरदस्त प्रतिक्रिया मिली. उसके तुरंत बाद लंदन में बीबीसी हिंदी डॉट कॉम की संपादक सलमा ज़ैदी से एक ख़ास मुलाक़ात में आमिर ने ये बातें कहीं.

फ़िल्म 'धोबी घाट' का निर्देशन आमिर ख़ान की पत्नी किरण राव ने किया है. उनके बारे में आमिर ने कहा "किरण ने बहुत ही ख़ूबसूरती से ये फ़िल्म बनाई है. मैं उनके साथ काम करके बहुत ख़ुश हूं."

'रंग दे बसंती', 'तारे ज़मीन पर', '3 इडियट्स' जैसी आमिर की ज़्यादातर फ़िल्मों में कोई ना कोई संदेश ज़रूर देने की कोशिश की गई है. क्या 'धोबी घाट' भी कोई संदेश देती है. इसके जवाब में आमिर ने कहा " ऐसा नहीं है कि मेरी हर फ़िल्म कोई ना कोई संदेश देती है. अब 'ग़जिनी' और 'फ़ना' को ही लीजिए, उनमें कोई ख़ास संदेश नहीं था. मैं तो हर तरह की फ़िल्में करता हूं."

आमिर ने इस ख़ास मुलाक़ात में अपने करियर के अलावा और भी कई मुद्दों पर बात की.

करियर के बारे में आमिर कहते हैं " मैं अब तक के अपने फ़िल्मी सफ़र से ख़ुश हूं. मैं उस दुनिया का हिस्सा बनकर बहुत ख़ुश हूं, जिसमें इतने सारे क़ाबिल लोग हैं."

आमिर ने दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों के बारे में भी बात की और उम्मीद जताई कि ये खेल अच्छी तरह से निपटेंगे और दुनिया भर से आने वाले लोग भारत से अच्छी यादें लेकर जाएंगे.

'धोबी घाट' के बाद आमिर ने अभी तय नहीं किया है कि उनकी अगली फ़िल्म कौन सी होगी. वो कहते हैं, "बहुत सारी स्क्रिप्ट मेरा इंतज़ार कर रही हैं. उन्हें अभी पढ़ूंगा फिर तय करूंगा कि कौन सी फ़िल्म करूं."

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