गंभीर फ़िल्में बेहतर बनाते हैं प्रियदर्शन: अक्षय खन्ना

  • 23 सितंबर 2010
Image caption 'आक्रोश' में अक्षय खन्ना और अजय देवगन साथ दिखाई देंगे

हिंदी और दक्षिण भारतीय फ़िल्म उद्योग में एक ख़ास पहचान रखने वाले फ़िल्मकार प्रियदर्शन अपनी फ़िल्मों में हास्य के लिए मशहूर हैं लेकिन अभिनेता अक्षय खन्ना की राय कुछ और है.

प्रियदर्शन के साथ ‘आक्रोश’ फ़िल्म में काम करने वाले अक्षय कहते हैं कि मेरी निजी राय में प्रियदर्शन हास्य फ़िल्मों के बजाए गंभीर फ़िल्में ज़्यादा बेहतर ढंग से बनाते हैं.

‘आक्रोश’ प्रियदर्शन की आने वाली फ़िल्म है जो एक अक्तूबर को सिनेमाघरों में आने वाली थी लेकिन इसकी रिलीज़ आगे बढ़ा दी गई है.

ये फ़िल्म इज़्ज़त के नाम पर हत्या जिसे ‘ऑनर-किलिंग’ कहा जाता है, उसके इर्द गिर्द बुनी गई है.

अक्षय खन्ना के अलावा इस फ़िल्म में दिखेंगे अजय देवगन जो लगातार सामाजिक विषयों से जुड़ी फ़िल्मों में नज़र आते रहे हैं.

इस बार वो प्रियदर्शन के निर्देशन में ‘ऑनर किलिंग’ के मुद्दे पर संवेदनाएं जगाते दिखेंगे.

मुंबई में पत्रकारों से बातचीत में अजय देवगन ने कहा कि भारत में बहुत कम फ़िल्मकार गंभीर फ़िल्मों को हाथ लगाने की हिम्मत करते हैं.

साथ ही अजय देवगन कहते हैं कि आजकल गंभीर फ़िल्मों की तरफ़ भी दर्शकों को खींचने के लिए उनमें मनोरंजन के लिए 'आइटम सॉन्ग' डालने पड़ते हैं, वरना कोई उन्हें देखने नहीं जाएगा.

ग़ौरतलब है कि ‘अनजाना-अनजानी’ की रिलीज़ की तारीख़ आगे बढ़ाए जाने के बाद ‘आक्रोश’ की रिलीज़ भी एक हफ़्ते आगे बढ़ा दी गई है.

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