इन आंखों की मस्ती के...!

रेखा

सत्तर के दशक में जवां दिलों की धड़कन, 80 के दशक की मशहूर अभिनेत्री, 90 के दशक में अदाकारी का जलवा बिखेरने वाली और अब अपने गरिमामयी व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज करनेवाली- ये कोई चार अलग-अलग हस्तियां नहीं हैं.

ये एक ही शख्सियत हैं जिन्हें हम और आप रेखा के नाम से जानते हैं और उनका जन्मदिन 10 अक्टूबर को है.

इस मौक़े पर फ़िल्म जगत की कई जानीमानी हस्तियों ने रेखा को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके बारे में बीबीसी से ख़ास बात की.

फ़िल्म 'उमराव जान' में रेखा को निर्देशित करने वाले फ़िल्म निर्देशक मुज़फ्फर अली कहते हैं, "उनकी आंखों में जीने की ललक है, एक दर्द का अहसास भी है. वो बहुत ही अच्छी और समझदार इंसान भी हैं."

मुज़फ़्फर के मुताबिक़ रेखा के कुछ ख़्वाब हैं जिनके साथ वो अकेले जीना चाहती हैं.

मशहूर निर्देशक श्याम बेनेगल तो रेखा की अभिनय क्षमता के ज़बरदस्त कायल हैं. रेखा ने उनके साथ 'कलयुग' और 'जुबैदा' जैसी फ़िल्में की हैं.

श्याम बेनेगल कहते हैं, "रेखा एक संपूर्ण कलाकार हैं. उनके अभिनय में आप कोई खोट निकाल ही नहीं सकते. उनकी याददाश्त बहुत तेज़ है."

श्याम बेनेगल एक दिलचस्प वाकया बताते हैं. फ़िल्म 'कलयुग' में जब डबिंग होने वाली थी, तो उन्हें लगा कि रेखा को पूरी फ़िल्म के संवादों की डबिंग के लिए दो-तीन दिन लगेंगे, लेकिन वो हैरान रह गए जब रेखा ने सारी डबिंग महज़ दो घंटे में पूरी कर ली.

कई फ़िल्मों में सिनेमेटोग्राफ़र भी रह चुके निर्देशक प्रदीप सरकार कहते हैं, "रेखा की आंखों में सम्मोहन कर देने वाला जादू है. उनकी आंखों में जो नशा है, वो और किसी अभिनेत्री में नहीं है. उन्हें कैमरे में क़ैद करने में बेहद मज़ा आता है."

फ़िलहाल रेखा फ़िल्मों में बेहद कम सक्रिय हैं. उनकी आख़िरी फ़िल्म इस साल रिलीज़ हुई 'सदियां' थीं जो शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा की पहली फ़िल्म थी.

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