'बॉलीवुड शब्द का इस्तेमाल देशद्रोह'

मनोज कुमार
Image caption मनोज कुमार को मामी फ़िल्म फ़ेस्टिवल में लाइफ़ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से नवाज़ा जाएगा

वो तमाम लोग सावधान हो जाएं जो हिंदी सिनेमा को 'बॉलीवुड' नाम से पुकारते हैं. 'इस रात की सुबह नहीं' और 'हज़ारों ख्वाहिशें ऐसी' जैसी चर्चित फ़िल्में बना चुके निर्देशक सुधीर मिश्रा को 'बॉलीवुड' शब्द के इस्तेमाल से कड़ी आपत्ति है.

12वें सालाना मुंबई फ़िल्म फ़ेस्टिवल यानी मामी के पहले दिन मी़डिया से मुख़ातिब होते हुए सुधीर ने कहा, "इस शब्द का इस्तेमाल भारतीय सिनेमा की तौहीन करना है. भारतीय सिनेमा नाच-गाने और मार-धाड़ से परे भी बहुत कुछ है. 'बॉलीवुड' शब्द का इस्तेमाल करने वाले लोग मेरी नज़र में देशद्रोही हैं."

मामी कमेटी के चेयरमैन श्याम बेनेगल और ट्रस्टी यश चोपड़ा, आशुतोष गोवरीकर, अमित खन्ना ने इस फ़ेस्टिवल के उद्घाटन समारोह में शिरकत की, जिसमें 58 देशों की 200 फ़िल्में दिखाई जा रही हैं.

इस बार इस समारोह में तीन बार के ऑस्कर पुरस्कार विजेता ओलिवर स्टोन को इंटरनेशनल लाइफ़ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार और जाने-माने अभिनेता निर्माता-निर्देशक मनोज कुमार को इंडियन लाइफ़ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से नवाज़ा जाएगा.

मनोज कुमार कहते हैं, "ये मेरे लिए और भारतीय सिनेमा के लिए भी बड़े गौरव की बात है. पूरी दुनिया में हमारी ताकत को पहचाना जा रहा है. भारतीय सिनेमा दिनों-दिन बढ़ रहा है."

समारोह में मौजूद अभिनेता रणवीर शौरी का कहना है, "ऐसे समारोह भारत की क्षेत्रीय भाषा की फ़िल्मों के लिए बहुत ज़रूरी हैं. क्योंकि आमतौर पर हम क्षेत्रीय फ़िल्मों की तरफ़ ज़्यादा ध्यान नहीं देते, जो बड़े दुख की बात है."

मामी अवॉर्ड्स जूरी में कई अंतरराष्ट्रीय फ़िल्मकारों के अलावा भारत की राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार विजेता अभिनेत्री सुहासिनी मणिरत्नम भी शामिल हैं.

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