तीस साल की उम्र बहुत जटिल

  • 10 नवंबर 2010
प्रकाश झा
Image caption प्रकाश झा 'टर्निंग थर्टी' नाम की फ़िल्म के निर्माता हैं.

हिंदी फ़िल्मों के जाने-माने निर्माता-निर्देशक प्रकाश झा मानते हैं कि भारतीय लड़कियों के लिए तीस साल की उम्र बहुत जटिल होती है.

‘टर्निंग थर्टी’ नाम है उस फ़िल्म का जिसे प्रकाश झा ने प्रोड्यूस किया है.

फ़िल्म के नाम और कहानी के बारे में प्रकाश झा ने बीबीसी को बताया, “तीस साल की उम्र बहुत ही जटिल उम्र होती है ख़ासकर भारतीय लड़कियों के लिए. उन पर नौकरी, करियर, रिश्ते, शादी आदि को लेकर बहुत सारे दबाव होते हैं क्योंकि इस उम्र के बाद की गई ग़ल्तियां महंगी पड़ सकती हैं. इन सारी बातों के बारे में ये एक बहुत ख़ूबसूरत कहानी है.”

फ़िल्म में गुल पनाग, पूरब कोहली, सिड मक्कड़ और तिलोत्तमा शोम मुख्य भूमिकाओं में हैं. फ़िल्म जनवरी 2011 में रिलीज़ होगी.

फ़िल्म का निर्देशन अलंकृता श्रीवास्तव ने किया है जो कई सालों तक प्रकाश झा की सहायक रही हैं. बतौर निर्देशक ये उनकी पहली फ़िल्म है और कहानी भी उन्हीं की है.

फ़िल्म की कहानी के बारे में अलंकृता कहती हैं, “फ़िल्म एक ऐसी लड़की के बारे में जो जल्द ही तीस साल की होने वाली है. उसकी ज़िंदगी में क्या हो रहा है, उसके क्या सपने हैं, क्या परेशानियां हैं, ये फ़िल्म उस लड़की के नज़रिए से है.”

अलंकृता मानती हैं कि बीस से तीस साल के बीच की शहर में रहने वाली लड़कियां इस फ़िल्म में अपनी ज़िंदगी की कुछ सच्चाईयां देख पाएंगी.

‘दामुल’, ‘अपहरण’, ‘गंगाजल’, ‘राजनीति’ जैसी राजनीतिक-सामाजिक पृष्ठभूमि पर फ़िल्में बनाने के बाद प्रकाश झा ने ये फ़िल्म बनाने के बारे में कैसे सोचा ?

प्रकाश कहते हैं, “ये फ़िल्म एक बहुत ही जीवंत बात कहती है. ये भी असली ज़िंदगी और उम्मीद के बारे में है. इसलिए मुझे इसकी कहानी पसंद आई.”

बतौर निर्देशक प्रकाश झा की अगली फ़िल्म ‘आरक्षण’ की घोषणा हो चुकी है. फ़िल्म की शूटिंग 2011 में शुरु होगी और फ़िल्म उसी साल रिलीज़ भी होगी.

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