बाल कलाकारों के साथ बाल दिवस

दर्शील सफ़ारी
Image caption दर्शील सफ़ारी ने 'तारे ज़मीं पर ' और 'बम बम बोले' फ़िल्मों में काम किया है.

बाल दिवस के मौके पर बीबीसी ने बॉलीवुड के कुछ जाने-माने बाल कलाकारों से एक ख़ास बातचीत की.

ज़िंदगी आइसक्रीम है, उसका पूरा मज़ा उठाओ

‘तारे ज़मीं पर’ के कुछ शैतान कुछ मासूम इशांत यानि दर्शील सफ़ारी इस बार बाल दिवस पर ग़रीब बच्चों को मिठाई बांटेगें.

दर्शील कहते हैं, "ज़्यादातर तो मैं बाल दिवस स्कूल में मनाता हूं. लेकिन इस बार क्योंकि ये दिन रविवार को है इसलिए मैं अपने परिवार के साथ समय व्यतीत करुंगा और अपनी बहन और दोस्तों को बाल दिवस की बधाई दूंगा. साथ ही मैं ग़रीब बच्चों को मिठाई बांटूगा ताकि उन्हें भी अच्छा लगे.”

तेरह वर्षीय दर्शील की ज़िंदगी का फ़लसफ़ा किसी तेइस वर्षीय युवा का ज़्यादा लगता है. दर्शील कहते हैं, “ज़िंदगी का भरपूर आनन्द उठाओ. ज़िंदगी एक आइसक्रीम की तरह है, उसे खालो इससे पहले की वो पिघल जाए.”

Image caption स्विनी खरा बड़े होकर एनिमेशन फ़िल्म डायरेक्ट करना चाहती हैं.

एनिमेशन डायरेक्टर बनने की चाह

कई सारे टीवी सीरियलों और चीनी कम जैसी फ़िल्मों में काम कर चुकीं बारह वर्षीय स्वीनी खरा के लिए बाल दिवस मौज-मस्ती का दिन है.

स्विनी कहती हैं, “हर बाल दिवस पर मैं विरार के एक अनाथालय जाती हूं. वहां के बच्चों को खाने की चीज़ें और कपड़े देती हूं और उनके साथ मौज-मस्ती करती हूं. मैं शायद दूसरी या तीसरी कक्षा में थी जब मेरे पिता ने मुझे कहा कि चलो बाल दिवस पर वहां चलते हैं. तब से मैं हर साल वहां जाती हूं. इसके अलावा मैं अपने दोस्तों के साथ खेलती हूं, मेरे माता-पिता मुझे तोहफ़े देते हैं और हम खाने के लिए बाहर जाते हैं.”

स्विनी को पढ़ाई और एक्टिंग के बीच संतुलन बनाने में कोई दिक्कत नहीं होती. वो कहती हैं, “मैं हमेशा फ़र्स्ट आती हूं और मुझ पर किसी तरह का दबाव नहीं है. मैं सेट्स पर किताबें ले जाती हूं और वहां ब्रेक के दौरान पढ़ाई करती हूं. मैं ट्यूशन भी नहीं लेती बल्कि ख़ुद ही पढ़ाई करती हूं जिसमें मेरी मां मेरी मदद करती हैं.”

स्विनी का सपना बड़े होकर एनिमेशन फ़िल्य डायरेक्टर बनना है. इस बारे वो बताती हैं, “बड़े होकर मैं एनिमेशन डायरेक्टर बनूंगी. इसके लिए मैं कुछ फ़ोटोशॉप, कोरलड्रॉ जैसे कुछ डीटीपी कोर्स कर रही हूं. आगे मैं इससे जुड़ी और भी बातें सीखूंगी और फिर बच्चों के लिए एनिमेशन फ़िल्में बनाऊंगी.”

Image caption तनय छेड़ा के लिए ऑस्कर्स में शामिल होना अविश्वसनीय अनुभव था.

ब्रैड पिट ने ऑटोग्राफ़ मांगा

चार साल की उम्र से थियेटर से जुड़े तनय छेड़ा ने ‘डॉन’ से अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत की. इसके अलावा उन्होंने ‘तारे ज़मीं पर’, ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ और ‘माई नेम इज़ ख़ान’ में भी अपनी एक्टिंग से बहुत से लोगों को प्रभावित किया.

लेकिन ख़ुद तनय के लिए सबसे यादगार लम्हा वो था जब हॉलीवुड के मशहूर सितारे ब्रैड पिट ने उनसे ऑटोग्राफ़ मांगा.

फ़िल्म ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ के लिए ऑस्कर्स समारोह में शामिल होने वाले तनय कहते हैं, “समारोह के बाद मैंने ब्रैड पिट का ऑटोग्राफ़ मांगा था. जवाब में ब्रैड पिट ने कहा कि उन्हें (पिट को) मुझसे ऑटोग्राफ़ मांगना चाहिए. इस बात से मैं बहुत शर्मा गया था. उन्होंने मुझे गले से लगाया और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं.”

ऑस्कर्स में भाग लेना तनय के लिए एक अविश्वसनीय अनुभव था. वो कहते हैं, “ऑस्कर्स जाना मुझे आज भी सपना ही लगता है. हमें लगा नहीं कि हम रेड कार्पेट पर चल रहे हैं, लगा कि हम स्वर्ग में हैं.”

ये पूछने पर कि बाल दिवस वो कैसे मनाते हैं, तनय ने कहा, “बाल दिवस पर हम स्कूल की तरफ़ से समाज सेवा करने के लिए जाते हैं. हमारा स्कूल एक स्वंयसेवी संस्था के साथ जुड़ा है. इस साल हम माथेरान जाकर वहां के स्थानीय लोगों की मदद करेंगे.”

पढ़ाई में ख़ुद को ठीक-ठाक मानने वाले तनय फ़ुटबॉल, क्रिकेट, पूल, स्नूकर और तीरंदाज़ी जैसे कई खेल खेलता हैं. लेकिन बड़े होकर वो राजनीतिज्ञ बनना चाहते हैं.

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