आजकल का फ़िल्मी संगीत निर्जीव है

  • 15 नवंबर 2010
एस पी बालसुब्रमणियम
Image caption एस पी बालसुब्रमणियम दक्षिण भारतीय और हिंदी फ़िल्मों के जाने-माने गायक हैं.

दक्षिण भारतीय और हिंदी फ़िल्मों के जाने-माने गायक एस पी बालसुब्रमणियम कहते हैं कि आजकल का फ़िल्मी संगीत निर्जीव है.

'एक दूजे के लिए', 'हम आपके है कौन', 'रोजा', 'मैंने प्यार किया' जैसी कई हिंदी फिल्मों में अपनी गायिकी का जौहर दिखा चुके एस पी बालसुब्रमनियम कहते हैं, "आज कल के फ़िल्मी गानों में वो बात बिकुल नहीं जो पुरानो गानों में थी."

'एसपीबी' के नाम से मशहूर बालसुब्रमणियम पिछले 44 साल से भारत के सबसे मशहूर गायकों में से एक हैं. उन्होंने अब तक हिंदी, तमिल, तेलुगु, बांग्ला, और उड़िया जैसी कई भारतीय भाषाओं में लगभग 35,000 गाने गाये हैं. गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में सबसे अधिक गाने गाने का विश्व रिकॉर्ड भी एसपीबी के नाम है.

बीबीसी के साथ एक ख़ास बातचीत में एसपीबी ने कहा, "पुराने ज़माने में क्योंकि सभी गायक एक साथ मिल कर गाते थे, इसलिए उनमें एक दूसरे से बेहतर करने की चाह हमेशा बनी रहती थी. लेकिन आज कल जब सभी गायक अलग-अलग रिकॉर्ड करते हैं, उन्हें एक दूसरे से कुछ नया सीखना का मौका ही नहीं मिल पाता."

एस पी बालसुब्रमणियम मानते हैं कि संगीत की दुनिया में तकनीक का हद से ज्यादा प्रयोग करना बिल्कुल ठीक नहीं है. वो कहते हैं, "गायक चाहे जितना भी बेसुरा और बेताला गा दे, उसे आधुनिक तकनीक की मदद से ठीक कर दिया जाता है."

लेकिन कदम- कदम पर तकनीक का सहारा लेने वाले आजकल के नए गायकों के बीच एसपीबी को श्रेया घोषाल थोड़ी हट कर लगती हैं.

वो कहते हैं, "कई भाषाओं में गाने के बावजूद श्रेया घोषाल हमेशा अपने उच्चारण पर बहुत ध्यान देती हैं और यही एक बेहतरीन कलाकार की निशानी है."

एस पी बालसुब्रमणियम इन दिनों टीवी पर एक तमिल म्यूजिक टैलंट शो को होस्ट कर रहे हैं. लेकिन अगर बात बच्चों के रियेल्टी शोज़ की करें तो एसपीबी कहते हैं, "बच्चों पर कभी भी जीतने का दबाव नहीं डालना चाहिए. अगर बच्चों को बस अच्छा गाने कि लिए प्रोत्साहित किया जाए, तो वे ख़ुद ही जीत की ओर बढ़ेंगे."

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