म्यूज़िक पाइरेसी से परेशान आशा भोंसले

  • 20 नवंबर 2010
नैना लगाई के का लॉन्च
Image caption जानी-मानी गायिका आशा भोंसले और सितार वादक शुजात हुसैन ख़ान अपनी नई एलबम नैना लगाई के लॉन्च के मौके पर.

जानी-मानी गायिका आशा भोंसले संगीत की चोरी यानी म्यूज़िक पाइरेसी के चलन से बेहद परेशान हैं.

आशा भोंसले कहती हैं, “आजकल जो रिकॉर्ड न खरीदने और संगीत चोरी करने का रवैया है, वो चिंता की बात है. अगर कोई रिकॉर्ड खरीदेगा ही नहीं, तो रिकॉर्ड कंपनियां बनाना भी नहीं चाहेंगी. मैं तो फिर भी पैंसठ साल से गा रही हूं लेकिन आने वाली पीढ़ी का क्या होगा. एक से एक बढ़िया गाने वाले हैं जिनका या तो रिकॉर्ड बनेगा नहीं या फिर बिकेगा नहीं. ऐसे में नई आवाज़े कैसे आएंगीं ?”

ये चिंता आशा भोंसले ने हाल ही में अपनी नई एलबम ‘नैना लगाइके’ के लॉन्च के मौके पर ज़ाहिर की.

ये एक ग़ैर-फ़िल्मी एलबम है जिसमें आशा भोंसले के साथ सितार वादक शुजात हुसैन ख़ान ने गाया है. ये पहला मौका है जब इन दोंनो ने एक साथ एलबम निकाली है.

एलबम के बारे में आशा भोंसले कहती हैं, “ये एलबम लाइव रिकॉर्ड हुआ है. बस एक तबला, गिटार, सिंथेसाइज़र और शुजात भाई सितार बजा रहे थे और गा रहे थे. लाइव रिकॉर्डिंग का मज़ा ही कुछ और होता है. उसमें गाते समय आप कुछ भी फेर-बदल कर सकते हैं.”

शुजात हुसैन ख़ान के बारे में आशा भोंसले कहती हैं, “वो गाते तो अच्छा हैं लेकिन सितार बहुत अच्छा बजाते हैं.”

लेकिन शुजात ख़ान ख़ुद को गायक नहीं मानते. वो कहते हैं, “मैं अपने आपको गवैया नहीं समझता. मैं सितार बजाता हूं और थोड़ा बहुत गाता हूं. एलबम में भी आशा जी गा रही हैं. मैं तो उनका बस साथ दे रहा हूं.”

एलबम की ख़ासियत के बारे में शुजात हुसैन ख़ान कहते हैं, “इस एलबम में हम कुछ अलग नहीं कर रहे हैं, वही सात सुर होते हैं लेकिन दो आर्टिस्ट को छूट मिली कि आपको एक स्पेस दे रहे हैं आप जो चाहे उसमें कर सकते हैं. आशाजी को अगर आप पहले से ही बांध दे कि तीन मिनट का गाना है और ये लाइन है तो वो दिमाग़ से गाती हैं. यहां अगर उन्हें छूट दे दी जाए कि आपके पास फ़ुर्सत है, आप जैसे मन चाहे इन लाइनों को गाएं तो फिर इंसान रुह से गा सकता है.”

एलबम के बारे में शुजात ख़ान ने बताया, “इसमें लोकगीत, सूफ़ी गाने, ग़ज़ल और गीत हैं. ज़्यादातर युगल गाने हैं लेकिन कुछ गाने सिर्फ़ आशाजी की आवाज़ में है और मेरा भी सोलो है.”

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार