'नए ग़ज़ल गायकों को मौका मिलना ज़रूरी है'

जगजीत सिंह और ज़ाकिर हुसैन. इमेज कॉपीरइट bbc
Image caption उस्ताद ज़ाकिर हुसैन के साथ जगजीत सिंह.

मशहूर ग़ज़ल गायक जगजीत सिंह के मुताबिक नए ग़ज़ल गायकों को मौका मिलना बहुत ज़रूरी है.

अपने नए एलबम 'हसरत' को लॉन्च करने के मौके पर मीडिया से बात करते हुए जगजीत सिंह ने कहा, "नए ग़ज़ल गायकों को प्रमोशन मिलना चाहिए. जब तक कि टीवी या दूसरे मीडिया में उन्हें बजाया नहीं जाएगा तो लोग उसे सुनेंगे कैसे."

बात 'हसरत' की करें तो इस एलबम में आठ गाने हैं. जिन्हें जगजीत सिंह के अलावा हरिहरन, रूप कुमार राठौड़ और सोनाली राठौड़ ने गाया है.

जगजीत सिंह ने बताया कि इसके अलावा जल्द ही उनकी एक सोलो एलबम आएगी जिसकी थीम बच्चों और माता-पिता के रिश्तों पर आधारित है.

इस मौके पर ख्याति प्राप्त तबला वादक ज़ाकिर हुसैन भी मौजूद रहे. जगजीत सिंह के बारे में ज़ाकिर हुसैन कहते हैं, "मैं 40-45 सालों से उन्हें सुन रहा हूं. वो ख़ुद तो बेहतरीन ग़ज़ल गायक हैं ही, साथ ही नए-नए गायकों को भी प्रोत्साहित करते रहते हैं. उन्हीं की कोशिशों की वजह से हरिहरन भाई और रूपकुमार भाई जैसे प्रतिभाशाली लोग गा रहे हैं."

साथ ही उस्ताद ज़ाकिर हुसैन ने ऑस्कर के लिए नामांकित हुए एआर रहमान की भी ज़बरदस्त तारीफ़ की. वो कहते हैं, "रहमान बेहद प्रतिभाशाली और ग़ज़ब के संगीतकार हैं. मैं उन्हें ऑस्कर के लिए शुभकामनाएं देता हूं."

ज़ाकिर हुसैन ने शबाना आज़मी अभिनीत फ़िल्म साज़ में अभिनय भी किया था और संगीत भी दिया था. जब उनसे पूछा गया कि वो और भी फ़िल्मों में बतौर संगीतकार काम क्यों नहीं कर रहे हैं, तो उन्होंने बताया कि ज़्यादातर वो अपने कार्यक्रमों के सिलसिले में भारत से बाहर रहते हैं इस वजह से वो हिंदी फ़िल्मों में संगीत नहीं दे पा रहे हैं.

हालांकि उन्होंने ये भी बताया कि वो मदनमोहन, नौशाद और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल जैसे महान संगीतकारों के लिए तबला वादन कर चुके हैं. इसी वजह से उनकी और फ़िल्मों में संगीत देने की तमन्ना है.

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