'थैंक यू' -एक बेदम एलबम

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Image caption 'थैंक यू' में अक्षय कुमार, सोनम कपूर और बॉबी देओल की मुख्य भूमिका है.

'थैंक यू' निर्देशक अनीस बज़्मी की कॉमेडी फ़िल्मों की श्रृंखला में 'नो एन्ट्री','वेलकम', 'सिंह इज़ किंग' और 'नो प्रॉब्लम' के बाद अगली कड़ी है.

फ़िल्म की स्टार कास्ट में अक्षय कुमार, सोनम कपूर, इरफ़ान खान और बॉबी देओल जैसे बड़े नाम हैं.

फ़िल्म में संगीत का दारोमदार प्रीतम पर है जो इस किस्म की फ़िल्मों में काफ़ी कामयाब रहे हैं.

एलबम में पाँच मुख्य और चार रीमिक्स के साथ कुल नौ ट्रैक्स हैं.

साउंडट्रैक की शुरुआत होती है मीका के गाये 'प्यार दो प्यार लो' से. इन दिनों बॉलीवुड में पुराने हिट गीत का 'हुक' लेकर नया गीत रचने का चलन ज़ोरों पर है और ये गीत इसकी एक और कड़ी है, जो 'जांबाज़' में सपना मुखर्जी के गाए सुपरहिट गीत 'प्यार दो प्यार लो' के हुक पर रचा गया है.

Image caption पवन झा के मुताबिक़ संगीतकार प्रीतम फ़िल्म 'थैंक यू' के संगीत से निराश करते हैं.

गीत को अमिताभ भट्टाचार्य की कलम से नए बोल मिले हैं. अमिताभ ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी प्रतिभा के दम पर गीतकारों में अपनी एक जगह बनाई है मगर इस गीत में वो निराश करते हैं.

संगीत के स्तर पर भी प्रीतम मूल गीत को नवीनता प्रदान करने में नाकाम रहे हैं. कुल मिला कर एक औसत रचना है लेकिन प्रचार और मूल गीत के सहारे इसके लोकप्रिय होने की पूरी गुंजाइश है.

'माय हार्ट इज़ बीटिंग' एलबम का अगला गीत है जिसे सोनू निगम ने स्वर दिए हैं.

प्रीतम ने गीत में 60 के दशक के रफ़ी-शम्मी कपूर के गीतों का माहौल देने की कोशिश की है. ये गाना बहुत से पुराने गीतों की याद दिलाता है, जैसे "छोटी सी मुलाकात प्यार बन गई" या ख़ास कर बोलों के लिहाज़ से 'हम, तुम और वो' के "प्रिये प्राणेश्वरी, यदि आप हमें आदेश करें तो प्रेम का हम श्रीगणेश करें".

सोनू, रफ़ी साहब बनने की कोशिश में मोहम्मद अजीज़ या शब्बीर कुमार बनते ज़्यादा नज़र आते हैं. एक मज़ेदार गीत की बहुत गुंजाइश होने के बावजूद ये गाना भी कुछ असर छोड़ पाने में नाकाम रहा है.

एलबम में प्रीतम अपने जाने पहचाने अंदाज़ में लौटते हैं, "प्यार में एक दिल की हार है" से. नीरज श्रीधर और जावेद अली का गाया ये गीत अन्य गीतों के मुकाबले कुछ सुनने लायक बन पड़ा है.

अमिताभ भट्टाचार्य के बोल बेहतर हैं साथ ही नीरज और जावेद के स्वरों की जुगलबंदी अच्छी बन पड़ी है, लेकिन प्रीतम अपने पुराने गीतों की धुन को ही दोहराते नज़र आते हैं.

साउंडट्रैक का अगला गीत 'फ़ुल वॉल्यूम' भी प्रीतम की पुरानी धुनों पर ही आधारित लगता है. ऋचा शर्मा 'गोलमाल रिटर्न्स' के "क्यों आगे पीछे डोलते हो" की याद दिलाती हैं. नीरज श्रीधर इस तरह के गीतों को माहौल देने में माहिर हैं और इस गीत को भी वो अपने अंदाज़ से निभा जाते हैं मगर ऋचा शर्मा का इस्तेमाल बिलकुल भी अच्छी तरह से नहीं किया गया है.

एलबम में एक आइटम गीत भी है मास्टर सलीम और ऋतु पाठक के स्वरों में जिसके बोल हैं, 'रज़िया गुण्डों मे फंस गई'.

इस दौर के अन्य आइटम गीतों जैसे शीला और मुन्नी के सामने ये गाना बहुत फीका सा लगता है. ना बोल मज़ेदार हैं, ना ही धुन में कोई नवीनता या संगीत में थिरकाने वाले तत्व हैं. ये एक कामचलाऊ किस्म की रचना है.

एलबम में चार गीतों 'प्यार दो प्यार लो', 'माय हार्ट इज़ बीटिंग', 'रज़िया' और 'फ़ुल वॉल्यूम' के रीमिक्स ट्रैक्स मौजूद हैं जिनमें विशेष कुछ भी नहीं है.

कुल मिला कर 'थैंक यू' का संगीत प्रीतम की एक कमज़ोर प्रस्तुति है. संगीत में नया कुछ नहीं है और ना ही कुछ मज़ेदार या धमाकेदार जिसकी उम्मीद इस किस्म के बड़े बैनर के एलबम से की जाती है.

कुछ हद तक 'प्यार दो प्यार लो' चलेगा भी तो उसका श्रेय मूल गीत की लोकप्रियता को ही जाएगा.

'थैंक यू' की इस फीकी सी प्रस्तुति को नंबरों के लिहाज़ से 1.5/5 (पाँच में से डेढ़).

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