'डॉन' बनाने वाले की 33 साल बाद वापसी

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Image caption अमिताभ बच्चन की 'डॉन' 1978 में रिलीज़ हुई थी.

एक ऐसी फ़िल्म जिसने बॉक्स ऑफ़िस पर कामयाबी के झंडे गाड़ दिए और हिंदी फ़िल्मों के इतिहास में क्लासिक के तौर पर जानी जाती है, उसका निर्देशक अगर उस फ़िल्म के बाद कोई और फ़िल्म ना बनाए तो बड़ी हैरानी होती है. लेकिन चंद्रा बारोट ऐसे ही एक फ़िल्मकार हैं.

वर्ष 1978 में उनकी अमिताभ बच्चन अभिनीत फ़िल्म 'डॉन' रिलीज़ हुई, जिसने बॉक्स ऑफ़िस पर कामयाबी के झंडे गाड़ दिए. लेकिन आश्चर्य की बात तो ये कि चंद्रा बारोट ने उसके बाद एक भी फ़िल्म नहीं बनाई.

अब 33 साल के बाद चंद्रा ने फ़ैसला किया है वापसी करने का. बीबीसी से ख़ास बात करते हुए उन्होंने बताया कि वो नए कलाकारों को लेकर जल्द ही एक फ़िल्म बनाएंगे.

Image caption 'डॉन' के निर्देशक चंद्रा बारोट 33 साल बाद वापसी कर रहे हैं.

चंद्रा बारोट कहते हैं, "पिछले कई सालों पर नज़र दौड़ाएं तो जो छोटे बजट की फ़िल्में हैं वो कामयाब साबित हुईं हैं. बड़े बजट की कई फ़िल्में फ़्लॉप हुई हैं. तो ऐसे में कहानी में अगर दम हो उसका ट्रीटमेंट अच्छा किया जाए, तो नए कलाकारों को लेकर भी आप एक हिट फ़िल्म बना सकते हैं."

लेकिन सबसे बड़ा सवाल तो ये कि 'डॉन' जैसी इतनी कामयाब फ़िल्म बनाने के बाद भी चंद्रा बारोट ने अब तक उसके बाद कोई दूसरी फ़िल्म क्यों नहीं बनाई.

ये सवाल पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि 'डॉन' के बाद उनके पास निर्माताओं की लाइन लग गई.

उन्होंने एक-दो प्रोजेक्ट्स हाथ में भी लिए जिनमें दिलीप कुमार और विनोद खन्ना सरीखे कलाकार थे. लेकिन किसी ना किसी वजह से वो फ़िल्में पूरी ही नहीं हो पाईं.

इस बातचीत के दौरान चंद्रा बारोट ने 'डॉन' से संबंधित कई दिलचस्प बातें बताईं.

फ़िल्म की शूटिंग के दौरान सेट पर हुए एक हादसे में इसके निर्माता नरीमन ईरानी की मौत हो गई थी. उसके बाद अमिताभ बच्चन सहित पूरी टीम ने नरीमन ईरानी की पत्नी को फ़िल्म बनाने में पूरा सहयोग दिया.

बारोट ने ये भी बताया कि 'खई के पान बनारस वाला' की शूटिंग के वक़्त अमिताभ बच्चन के पैर में चोट लगी थी और वो टीक से चल भी नहीं पा रहे थे, लेकिन उसके बावजूद उन्होंने इस ख़ूबसूरती से इस गाने को अंजाम दिया कि किसी को इस बात का इल्म भी नहीं हो पाया कि बच्चन साहब चोटिल हैं.

चंद्रा बारोट कहते हैं, "जब फ़िल्म रिलीज़ हुई तो समीक्षकों ने इसे नकार दिया, लेकिन दर्शकों ने 'डॉन' को भरपूर प्यार दिया."

फिर 2006 में फ़रहान अख़्तर ने शाहरुख़ ख़ान को लेकर 'डॉन' का रीमेक बनाया और अब वो इसका सीक्वेल भी बना रहे हैं.

चंद्रा बारोट इस बात से ख़ुश हैं कि 'डॉन' को अब भी याद किया जाता है. लेकिन वो रीमेक बनाने के ख़िलाफ़ हैं.

बारोट कहते हैं, "पुराने ज़माने के लोगों ने काफ़ी मेहनत से ये फ़िल्में बनाईं हैं. आज के युवा वर्ग को ये फ़िल्में देखनी चाहिए ताकि उन्हें पता लगे कि क्यों ये आज भी याद रखी जाती हैं. उनका रीमेक बनाना पुराने महान लोगों की, उनके प्रयासों की बेइज़्ज़ती करने जैसा है."

उन्होंने आगे अपनी फ़िल्म डॉन के मशहूर डायलॉग की तर्ज़ पर कहा कि 'दिलीप कुमार और अमिताभ बच्चन जैसे महान कलाकारों की बराबरी करना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है. उनकी नए कलाकारों से तुलना बेमानी है'.

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