अच्छी कॉमेडी के लिए गंभीरता ज़रूरी- ओम पुरी

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जाने भी दो यारों, हेरा फेरी और चाची 420 जैसी फिल्मों में अपनी हास्य कला का जौहर दिखा चुके अभिनेता ओम पुरी एक और हास्य भूमिका के साथ आए हैं राकेश ओमप्रकाश मेहरा की फ़िल्म 'तीन थे भाई' में, जो शुक्रवार को रिलीज़ हुई.

फ़िल्म के बारे में बात करते हुए ओम पुरी ने कहा, "अच्छी कॉमेडी करने के लिए गंभीर होना बहुत ज़रूरी है."

फिल्म 'जाने भी दो यारों' को याद करते हुए उन्होंने कहा, "उसमे हम सबने बहुत गंभीरता से अपना अपना रोल किया और उसी गंभीरता से फ़िल्म में कॉमेडी उभर कर सामने आई. चार्ली चैपलिन जो हम सबके लिए एक मिसाल हैं, वो भी ऐसा ही किया करते थे."

फ़िल्म 'तीन भाई थे' में ओम पुरी के अलावा श्रेयस तलपडे़ और दीपक डोबरियाल ने भी अहम भूमिकाएं निभाई हैं.

फिल्म के निर्देशक हैं मृगदीप लांबा, जिनकी ये पहली फ़िल्म है.

ओम पुरी से जब पूछा गया कि इस फ़िल्म को करने के पीछे क्या मुख्य वजह थी, तो इसके जवाब में वो बोले, "पहली बात तो ये थी कि मुझे राकेश ओमप्रकाश मेहरा पर पूरा भरोसा था. उन्होंने 'रंग दे बसंती' और 'दिल्ली 6' जैसी संवेदनशील फिल्में बनाईं हैं. साथ ही निर्देशक मृगदीप लांबा की सोच पर भी पूरा यक़ीन था."

बाद में ओम पुरी ने चुटकी लेने के अंदाज़ में कहा कि उन्हें फ़िल्म करने के लिए पैसे भी अच्छे मिले इसलिए उन्होंने ये ऑफ़र स्वीकार कर लिया.

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